Kurukshetra News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के ठसका मीरांजी गांव से एक दिल दहला देने वाली और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। खेत में लगे ट्रांसफॉर्मर का फॉल्ट ठीक न होने और बिजली कर्मचारियों द्वारा कोई सुनवाई न किए जाने पर मजबूरन खुद काम करने उतरे 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान जरनैल सिंह की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई।
इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक जरनैल सिंह की पोती का रिश्ता हाल ही में अंबाला जिले में तय हुआ था और अगले तीन-चार महीनों में शादी की शहनाई बजने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं, लेकिन बिजली निगम की एक लापरवाही ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में तब्दील कर दिया।
‘अधिकारियों ने फोन बंद किया, मजबूरन खुद ठीक करने लगे फॉल्ट’
मृतक के बेटे जगतार सिंह ने बिजली विभाग के रवैये पर भारी आक्रोश जताते हुए बताया कि उनके खेत का ट्रांसफॉर्मर जलबेहड़ा फीडर से जुड़ा हुआ है, जिसमें पिछले कई दिनों से फॉल्ट आ रहा था। उनके पिता जरनैल सिंह बिजली निगम के चक्कर काट-काटकर थक चुके थे, लेकिन कोई भी लाइनमैन या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
जब जरनैल सिंह ने अधिकारियों को फोन किया तो उन्होंने पहले फोन नहीं उठाया और बाद में अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। सप्लाई बंद होने का फायदा उठाकर बुजुर्ग किसान खुद ही ट्रांसफॉर्मर का फॉल्ट ठीक करने के लिए चढ़े, लेकिन तभी अचानक हाई-वोल्टेज बिजली आ गई। करंट का जोरदार झटका लगते ही जरनैल सिंह नीचे आ गिरे और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद भी देरी, JE और लाइनमैन समेत 5 पर केस दर्ज
परिजनों का आरोप है कि हादसे की जानकारी देने के बावजूद जेई ने घंटों तक लाइन बंद कराने का परमिट नहीं लिया, जिससे विभाग की घोर संवेदनहीनता उजागर होती है। जब पीड़ित परिवार खेत पहुंचा, तब जरनैल सिंह मृत पड़े मिले। घटना के बाद मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों और परिजनों के भारी विरोध व गुस्से का सामना करना पड़ा।
हालांकि जेई सुच्चा सिंह ने दावा किया था कि मौके पर लाइनमैन भेजे गए थे, लेकिन परिजनों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। इस्माइलाबाद थाना SHO रामपाल ने बताया कि मृतक के परिजनों की शिकायत पर लापरवाही बरतने के आरोप में JE सुच्चा सिंह, प्रिंस तथा लाइनमैन संदीप, रजत और विकास के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उधर, बिजली निगम के एसडीओ अमन कुमार का कहना है कि विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह भी पढ़ें– ‘पेपर लीक पर जवाब देने के बजाय तानाशाही कर रही सरकार’, राहुल के समर्थन में उतरा विपक्ष

