Pehowa Murder Case: नेपाल-भूटान बॉर्डर से दबोचे गए 3 मुख्य आरोपी, विदेश भागने का प्लान फ्लॉप
नेपाल-भूटान बॉर्डर से दबोचे गए 3 मुख्य आरोपी
Pehowa Murder Case: कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में 14 सितंबर की रात रोड रेज के विवाद (Pehowa road rage murder )में हुई गुरप्रीत सिंह की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वारदात को अंजाम देकर नेपाल के रास्ते विदेश भागने की फिराक में लगे तीन मुख्य आरोपियों कर्ण पंडित (Pehowa), जशनदीप (Pehowa) और आशीष (jind) को पुलिस ने नेपाल और भूटान सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। कुरुक्षेत्र पुलिस, पश्चिम बंगाल पुलिस तथा नेपाल व भूटान पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।
कुरुक्षेत्र पुलिस और सीआईए का बड़ा एक्शन, पनाह देने वाले 3 मददगार भी गिरफ्तार
सीआईए-2 के प्रभारी मंदीप सिंह ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए नेपाल सीमा में दाखिल हो चुके हैं और वहां से फर्जी दस्तावेजों के जरिए आगे किसी दूसरे देश भागने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही स्पेशल टीम का गठन किया गया और वेस्ट बंगाल पुलिस के जरिए नेपाल और भूटान एजेंसियों से संपर्क साधा गया। पुलिस टीम ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घेर लिया। इसके साथ ही वारदात के बाद आरोपियों को गाड़ियां मुहैया कराने, पैसे देने और छिपाने के आरोप में तीन अन्य मददगारों को भी गिरफ्तार किया गया है।
क्या था पूरा मामला: कार को साइड देने के मामूली विवाद में मारी थी तलवारें
यह पूरा खूनी खेल 14 सितंबर की रात पिहोवा बाजार में महज कार को रास्ता न देने पर शुरू हुआ था। मृतक के चचेरे भाई गगनदीप सिंह के अनुसार, वे अपने दोस्त अभिषेक और गुरप्रीत के साथ इनोवा कार में सामान लेने जा रहे थे। पिहोवा चौक पर एक सफेद फॉर्च्यूनर कार उनके आगे चल रही थी। आरोप है कि फॉर्च्यूनर चालक उनकी कार को रास्ता नहीं दे रहा था और बार-बार आगे कट मारकर गाली-गलौज कर रहा था। जब क्वालिटी होटल के पास गगनदीप ने गाड़ी रोककर गाली देने की वजह पूछी, तो फॉर्च्यूनर से उतरे कर्ण पंडित ने तलवार निकालकर गुरप्रीत के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। उसके साथियों ने डंडों से हमला किया। गंभीर रूप से घायल गुरप्रीत की इलाज के दौरान 19 सितंबर को मौत हो गई थी।
7 घंटे शव रखकर परिजनों ने किया था प्रदर्शन, रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
गुरप्रीत की मौत से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय निवासियों ने 20 सितंबर को पिहोवा के मेन चौक पर शव रखकर करीब 7 घंटे तक चक्का जाम किया था। उस दौरान डीएसपी रणधीर सिंह ने परिजनों को दो दिनों के भीतर आरोपियों को दबोचने का ठोस आश्वासन दिया था, जिसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए सहमति जताई थी। पुलिस टीम अब पकड़े गए सभी छह आरोपियों को कुरुक्षेत्र लेकर पहुंच रही है। इन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि वारदात में इस्तेमाल हथियार, वाहन और फरारी में मदद करने वाले पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
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