Mahendragarh : महेंद्रगढ़ बार एसोसिएशन चुनाव, संदीप यादव फिर बने प्रधान, 128 वोटों के भारी अंतर से दर्ज की जीत

जीत के बाद बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप यादव अपने साथियों के साथ ।
Mahendragarh : महेंद्रगढ़ बार एसोसिएशन के प्रधान और अन्य पदों के लिए शुक्रवार को चुनाव बेहद शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुए। सुबह 10 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम 4 बजे तक चली, जिसमें अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस चुनाव में संदीप यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए शानदार जीत दर्ज की और एक बार फिर बार एसोसिएशन के प्रधान पद पर कब्जा जमाया।
संदीप यादव को मिले 200 वोट
रिटर्निंग ऑफिसर विनोद तंवर और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर आलोक खैरवाल ने चुनाव परिणामों की विस्तृत जानकारी दी। प्रधान पद के लिए त्रिकोणीय मुकाबला था, जिसमें कुल 310 पंजीकृत वोटों में से 302 वकीलों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। डाले गए मतों में से 3 वोट रद्द घोषित किए गए।
अधिवक्ता संदीप यादव को कुल 200 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी अजनेश को 72 और राजेश को 27 वोट प्राप्त हुए। संदीप यादव ने 128 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल कर दोबारा प्रधान पद की कमान संभाली।
अन्य पदों के चुनाव परिणाम बार एसोसिएशन के अन्य पदों पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसके परिणाम इस प्रकार रहे:
उप प्रधान (महिला आरक्षित): सुनीता कुमारी एडवोकेट को 125 वोट मिले, जबकि शशि बाला को 89 और शर्मिला यादव को 86 वोट मिले। सुनीता कुमारी ने 36 वोटों के अंतर से यह पद जीता। इस पद पर एक वोट रद्द हुआ।
उप प्रधान (सामान्य): अंकित यादव एडवोकेट ने 220 वोट हासिल कर बड़ी जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंद्वी मनोज कुमार शर्मा को 81 वोट मिले। अंकित यादव 139 वोटों से विजयी रहे। इस पद पर भी एक वोट रद्द हुआ।
सचिव पद: पुष्पेंद्र सिंह यादव और राहुल कौशिक के बीच सीधी टक्कर थी। पुष्पेंद्र सिंह यादव को 158 और राहुल कौशिक को 141 वोट मिले। पुष्पेंद्र ने 17 वोटों के अंतर से जीत हासिल की (इस पद पर 3 वोट रद्द हुए)।
सह सचिव (महिला आरक्षित): सुमन कुमारी एडवोकेट ने 188 वोट प्राप्त किए, जबकि सोनिया कुमारी को 113 वोट मिले। सुमन कुमारी 75 वोटों से विजयी रहीं। इस पद पर एक वोट रद्द हुआ।
कोषाध्यक्ष पद: विक्रांत एडवोकेट ने 185 वोट हासिल किए, जबकि गणेशी लाल को 115 वोट मिले। विक्रांत ने 70 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इस पद पर भी एक वोट रद्द हुआ।
कुल छह पदों में से दो पद महिलाओं के लिए आरक्षित थे। चुनाव जीतने के बाद नवनिर्वाचित प्रधान संदीप यादव ने सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि वे वकीलों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरेंगे।
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