Manimahesh Yatra: मणिमहेश यात्रा में बड़ा बदलाव, 3-4 हाईटेक ड्रोन संभालेंगे निगरानी, धनछो से हड़सर तक नजर
मणिमहेश यात्रा में बड़ा बदलाव
Manimahesh Yatra: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में होने वाली उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा-2026 में प्रशासन इस बार हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू करने जा रहा है। 25 अगस्त से शुरू होकर 19 सितंबर 2026 तक चलने वाली यात्रा के दौरान पहली बार पूरे यात्रा क्षेत्र पर हाईटेक ड्रोन से नजर रखी जाएगी। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर विकास शर्मा ने बताया कि यात्रा के दौरान 3 से 4 हाईटेक ड्रोन इस्तेमाल किए जाएंगे। इनका इस्तेमाल श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर नजर रखने के लिए किया जाएगा।
धनछो से मणिमहेश तक आसमान से निगरानी
प्रशासन की योजना के मुताबिक ड्रोन धनछो से मणिमहेश, हड़सर, भरमौर और खड़ामुख-लूना तक के यात्रा मार्ग पर निगरानी करेंगे। खासतौर पर उन स्थानों पर नजर रखी जाएगी, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ जमा हो सकते हैं। ट्रैफिक जाम, अत्यधिक भीड़ और संवेदनशील स्थानों की स्थिति ड्रोन के जरिए लगातार देखी जाएगी। इससे प्रशासन को जमीन पर मौजूद टीमों के मुकाबले किसी समस्या की जानकारी तेजी से मिलने की उम्मीद है।
भीड़ बढ़ी तो टीमों को तुरंत मिलेगी सूचना
ड्रोन से मिलने वाली वास्तविक समय की जानकारी संबंधित टीमों तक पहुंचाई जाएगी। किसी स्थान पर अचानक भीड़ बढ़ने या यातायात जाम की स्थिति बनने पर मौके पर तैनात विभागों को तत्काल कार्रवाई के लिए सूचना दी जाएगी। इस व्यवस्था से प्रशासन को भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात को सामान्य करने में मदद मिल सकती है। आपात स्थिति में भी ड्रोन से मिलने वाली तस्वीरें और जानकारी मौके पर मौजूद टीमों के लिए उपयोगी साबित होंगी।
लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं मणिमहेश
हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र मणिमहेश डल झील के दर्शन के लिए भरमौर पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण यात्रा मार्ग के साथ आसपास के इलाकों में भी यातायात का दबाव बढ़ जाता है। धरवाला से भरमौर-हड़सर मार्ग पर यात्रा के दौरान वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की समस्या सामने आती रही है। 2024 और 2025 में भी यात्रा के दौरान कई स्थानों पर घंटों तक यातायात जाम लगा था, जिससे श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी हुई।
जाम और आपात स्थिति पर तेजी से कार्रवाई की तैयारी
इस बार प्रशासन की कोशिश है कि भीड़ या जाम की स्थिति गंभीर होने से पहले ही उसकी पहचान कर ली जाए। ड्रोन से मिलने वाली लाइव जानकारी के आधार पर संबंधित विभागों और टीमों को मौके पर भेजने या यातायात व्यवस्था में बदलाव करने में मदद मिल सकती है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही को देखते हुए यह निगरानी व्यवस्था प्रशासन के लिए एक अतिरिक्त साधन होगी। खासकर उन हिस्सों में, जहां पहाड़ी रास्तों के कारण जमीन से पूरे क्षेत्र पर एक साथ नजर रखना मुश्किल होता है।
25 अगस्त से शुरू होगी यात्रा
श्री मणिमहेश यात्रा-2026 इस बार 25 अगस्त से शुरू होकर 19 सितंबर तक चलेगी। प्रशासन को यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन तीनों मोर्चों पर निगरानी अहम रहेगी। हाईटेक ड्रोन के जरिए मिलने वाली तत्काल जानकारी का इस्तेमाल इन्हीं व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए किया जाएगा।
