Anand Mahindra: मां के त्याग पर स्मृति ईरानी के बयान से भावुक हुए आनंद महिंद्रा, पर बच्चों के दूर होने पर रखी अपनी अलग राय
मां के त्याग पर स्मृति ईरानी के बयान से भावुक हुए आनंद महिंद्रा, पर बच्चों के दूर होने पर रखी अपनी अलग राय
Anand Mahindra: मां का निस्वार्थ प्रेम, उसके अनगिनत त्याग और बच्चों के अपने पंख फैलाकर अपनी अलग दुनिया में व्यस्त हो जाने की कहानी हर परिवार की एक बेहद संवेदनशील सच्चाई है। इसी गहरे भावनात्मक विषय पर देश की पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
एक टॉक शो के दौरान दिए गए उनके इस बयान ने लाखों लोगों के दिलों को छू लिया है। खास बात यह रही कि कॉर्पोरेट जगत की जानी-मानी हस्ती और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा भी इस वीडियो को देखकर खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
समय का चक्र और मां के हिस्से का सन्नाटा: क्या बोलीं स्मृति ईरानी?
वायरल हो रहे इस वीडियो में स्मृति ईरानी मां बनने के कठिन सफर और उससे जुड़ी मानसिक व भावनात्मक परिस्थितियों पर बात करती नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि एक महिला अपने बच्चों की परवरिश और उनकी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में अपनी जिंदगी का एक सबसे बेहतरीन हिस्सा न्यौछावर कर देती है।
कई बार अपनी खुशियां और निजी सपने पीछे छूट जाते हैं। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, बच्चे बड़े होते हैं, अपने पैरों पर खड़े होकर नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों में बंध जाते हैं। स्मृति ने इसी जीवन चक्र और उसके बाद मां के मन में आने वाले खालीपन के दर्द को बड़ी ही बेबाकी से रखा।
‘सिर्फ महिलाएं ही नहीं, पुरुषों की आंखें भी नम हुईं’ – आनंद महिंद्रा की प्रतिक्रिया
स्मृति ईरानी की यह बातें आनंद महिंद्रा के दिल को गहराई से छू गईं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस वीडियो क्लिप को साझा करते हुए लिखा कि यह बात केवल वहां बैठी महिलाओं की आंखों में आंसू लाने वाली नहीं थी, बल्कि इसे देखकर कई पुरुषों का दिल भी पसीज गया। महिंद्रा ने स्मृति की तारीफ करते हुए माना कि उन्होंने मां बनने के अपार आनंद और उसके साथ मिलने वाले अनकहे दर्द को बेहद प्रभावशाली ढंग से पेश किया है।
‘हर बच्चा दूर नहीं होता’, अपनी मां को याद कर महिंद्रा ने रखा अलग नजरिया
हालांकि, आनंद महिंद्रा ने बच्चों के बड़े होकर मां से विमुख हो जाने या उन्हें भूल जाने वाली बात पर थोड़ा असहमत होते हुए अलग नजरिया पेश किया। अपनी दिवंगत मां को याद करते हुए महिंद्रा ने कहा कि उन्होंने अपनी मां की अंतिम सांस तक पूरी निष्ठा के साथ सेवा की। उन्होंने बताया कि मुश्किल वक्त में उनकी मां का दिया हुआ भरोसा ही आज भी उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
महिंद्रा ने स्मृति ईरानी को ढांढस बंधाते हुए भरोसा जताया कि उनका बेटा कभी उनसे दूर नहीं होगा और जीवन के हर मोड़ पर उनका मजबूत सहारा बनेगा। महिंद्रा के इस जवाब के बाद इंटरनेट पर इस बात को लेकर एक स्वस्थ बहस छिड़ गई है कि व्यस्तता के बीच माता-पिता के प्रति बच्चों की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए।
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