मोहाली में बारिश के बाद बड़ा हादसा: पानी में पड़े बिजली के तार की चपेट में आए साइकिल सवार की मौत

पानी में पड़े बिजली के तार की चपेट में आए साइकिल सवार की मौत
Mohali current death: मोहाली के नयागांव की सफेदा कॉलोनी में शुक्रवार सुबह जलभराव के बीच बिजली के लाइव तार की चपेट में आने से 48 वर्षीय मेवालाल की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब वह साइकिल से मोहाली स्थित अपने ऑफिस ड्यूटी पर जा रहा था। सुबह करीब 5:30 से 6 बजे के बीच वह पानी से भरी सड़क से गुजर रहा था, तभी बिजली का तार उसके संपर्क में आ गया। करंट लगते ही मेवालाल सड़क पर गिर गया और मुंह के बल पानी में जा गिरा। आसपास मौजूद लोगों ने उसके परिवार को सूचना दी। जब तक मदद पहुंचती, उसकी मौत हो चुकी थी।
रात की बारिश के बाद सड़क पर भर गया था पानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, वीरवार देर रात इलाके में काफी बारिश हुई थी। इसके बाद सफेदा कॉलोनी की सड़क पर जलभराव हो गया था। इसी पानी के आसपास बिजली के तार और केबल जमीन के करीब पड़े थे और कुछ तार पानी को छू रहे थे। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऐसी स्थिति के बावजूद मौके पर बिजली की सप्लाई बंद नहीं की गई। पानी में करंट फैलने की स्थिति राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा बन गई। इसी दौरान साइकिल से वहां से गुजर रहे मेवालाल इसकी चपेट में आ गए।
इलाके में करीब 100 तार-केबल काटे जाने का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे से एक दिन पहले एक निजी कंपनी के कर्मचारी इलाके में आए थे। लोगों के मुताबिक, कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में तार और केबल काटे थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि इसी दौरान बिजली का एक तार भी कट गया, जो बाद में पानी में पड़ा रहा और हादसे की वजह बना। हालांकि, तार किसका था और उसे किसने काटा था, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
परिवार का आरोप- प्रशासन और बिजली विभाग जिम्मेदार
मेवालाल के परिवार ने हादसे के लिए प्रशासन और बिजली विभाग के जिम्मेदार लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि सड़क पर पानी जमा होने और बिजली के तार पानी को छूने की स्थिति के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। परिजनों ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मेवालाल परिवार में अकेला कमाने वाला था और उसकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पीछे रह गए तीन बेटे, पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवाया
परिवार के मुताबिक, मेवालाल के तीन बेटे हैं। घर की आर्थिक जिम्मेदारी उसी के ऊपर थी। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है और स्थानीय लोगों में भी रोष है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल खरड़ की मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों तथा बिजली के तार के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
जलभराव के दौरान बिजली का तार बन सकता है बड़ा खतरा
इस हादसे ने बारिश के बाद जलभराव वाले इलाकों में खुले या टूटे बिजली के तारों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पानी में करंट मौजूद होने की स्थिति में सड़क पर चल रहे लोगों को खतरे का अंदाजा नहीं लग पाता और कुछ ही सेकंड में गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा यह होता है कि पानी के भीतर पड़ा तार दिखाई नहीं देता। इसलिए बिजली के तार टूटने या पानी में गिरने की सूचना मिलने पर उस जगह से दूरी बनाए रखना और बिजली विभाग को तुरंत जानकारी देना जरूरी है।
