Narnaul: हरियाणा की बिजली व्यवस्था को बेचने का सबसे बड़ा आदेश जारी हो गया है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह जिले में 25 साल तक बिजली बांटने का समानांतर लाइसेंस दे दिया है। कागजों में कहा जा रहा है कि जनता को विकल्प मिलेगा। जमीन पर सच्चाई यह है कि 8.3 लाख परिवारों की किस्मत एक प्राइवेट कंपनी के हाथ में सौंप दी गई है।
इस फैसले ने पूरे प्रदेश में आग लगा दी है। भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष रत्तन मान ने इसे आजाद भारत के बाद बिजली क्षेत्र का सबसे बड़ा विश्वासघात बताया है।
रत्तन मान ने कहा कि सरकार कह रही है 4717 करोड़ का निवेश आएगा। उन्होंने सवाल किया कि ये निवेश क्या कंपनी अपने घर से लाई है? ये पैसा हमारे खून-पसीने से वसूला जाएगा। आज पोल गाड़ेगी, कल तार खींचेगी और परसों हर घर में महंगा स्मार्ट मीटर लगाकर लूट शुरू कर देगी।
किसान और गरीब पर सबसे बड़ी मार
रतन मान ने कहा कि किसान को ट्यूबवेल पर सब्सिडी मिलती है। नूंह जैसे पिछड़े जिले में गरीब आदमी को 2 रुपये यूनिट बिजली मिलती है। आधी रात को भी लाइनमैन खेत में जाता है। प्राइवेट कंपनी क्या करेगी? उसका तो एक ही धर्म है – मुनाफा।
नूंह का किसान पहले ही पानी के लिए तरस रहा है। अब उसे बिजली के लिए भी तरसाया जाएगा। कंपनी कहेगी – ग्रीन एनर्जी है, 12 रुपये यूनिट लो। गरीब आदमी कहां से देगा 12 रुपये? उसकी सब्सिडी कौन देगा? सरकार ने आज तक लिखित में नहीं कहा कि सब्सिडी जारी रहेगी। इसका मतलब साफ है – सब्सिडी खत्म करने की तैयारी है।
बिजनेसमैन भी नहीं बचेगा, सबकी जेब कटेगी
रत्तन मान ने कहा कि गुरुग्राम के बड़े-बड़े बिजनेसमैन, मानेसर के उद्योगपति, सोहना और पटौदी के छोटे दुकानदार बहुत खुश हो रहे हैं कि 24 घंटे बिजली मिलेगी। उनको नहीं पता कि 24 घंटे बिजली के नाम पर 24 घंटे लूट मिलेगी।
आज सरकारी कंपनी इंडस्ट्री को 7.50 रुपये में बिजली देती है। पीक लोड में भी रेट कंट्रोल में रहता है। कल यही प्राइवेट कंपनी कहेगी – हमारा खर्चा ज्यादा है, हमारा ग्रीन पावर है, 15 रुपये यूनिट दो। फैक्ट्री वाला कहां जाएगा? दुकानदार कहां जाएगा? उसकी लागत दोगुनी हो जाएगी। प्रोडक्ट महंगा होगा, व्यापार खत्म होगा। ये सिर्फ किसान की लड़ाई नहीं है, ये गुरुग्राम के हर बिजनेसमैन की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि कंपनी का वादा है कि डीजल जनरेटर से छुटकारा मिलेगा। सच्चाई यह है कि डीजल का खर्चा बिल में जोड़कर वसूला जाएगा।
सबको एक होना होगा
रत्तन मान ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापार मंडल, आरडब्ल्यूए , सब एक मंच पर आएं। आज अगर हम बंट गए तो कल पूरा हरियाणा बिक जाएगा। आज ट्रायल के तौर पर गुरुग्राम-नूंह को चुना है। कल हिसार, करनाल, रोहतक, पानीपत सबको बेच देंगे। इसलिए सभी वर्गों को एक होना होगा।
ये निर्णय वापस होना चाहिए
भाकियू ने साफ मांग की है कि सरकार इस फैसले को तुरंत वापस ले। हम मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि इस लाइसेंस को रद्द किया जाए। हरियाणा की बिजली हरियाणा की जनता की है, किसी प्राइवेट कंपनी की जागीर नहीं है।
पोल नहीं गड़ने देंगे
मान ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, अगर फैसला वापस नहीं हुआ तो किसानों की लाश पर बिजली की लाइन बिछेगी। हम अपने खेतों में एक भी प्राइवेट पोल नहीं गड़ने देंगे। हजारों-लाखों किसान अपनी कुर्बानी देने को तैयार हैं। हमने अंग्रेजों से जमीन बचाई थी, इन निजी कंपनियों से भी बचाएंगे।उन्होंने ऐलान किया कि अगले 15 दिन के अंदर नूंह की धरती पर एक बड़ी किसान, मजदूर, व्यापारी महापंचायत बुलाई जाएगी। उस महापंचायत में प्रदेश के सभी संगठन शामिल होंगे। अगर सरकार ने फिर भी बात नहीं मानी तो पूरे हरियाणा में बिजली निगमों का घेराव, हाईवे जाम और हरियाणा बंद का ऐलान किया जाएगा।

