Narnaul: भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष में सेवानिवृत्ति वायु सैनिक एसोसिएशन (रजि.) के तत्वावधान में “एक शाम… वायु सेना के नाम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत वीर एयर वारियर्स ने एकत्रित होकर अपने गौरवशाली दिनों की यादें ताजा की और राष्ट्र रक्षा में वायु सेना की अदि्वतीय भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और शहीद वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद वायुसेना सेना गान “देश पुकारे जब सबको…. दुख सुख बांटे एक समान” से हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एयर वेटरन वीर विक्रम भालोठिया ने की तथा मुख्य अतिथि व थल सेना प्रतिनिधि के रूप में सुबेदार मेजर राजेंद्र सिंह यादव उपस्थित रह। विशिष्ट अतिथि के रूप में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के चीफ मैनेजर एयर वेटरन देवेंद्र पहल, भारतीय वायुसेना के फुटबॉल कोच हंसराज उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एसोसिएशन महासचिव अमरजीत सिंह बडेसरा ने किया।
इस अवसर पर पूर्व वायु सैनिकों ने अपने अनुभव साझा किया और वायु सेना की वीरता, अनुशासन, और तकनीकी दक्षता पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह यादव ने वायु सेना दिवस पर सभी एयर वेटरन एवं परिवारजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र रक्षा के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में वायु सैनिकों के योगदान की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि एयर वेटरन देवेंद्र पहल चीफ मैनेजर ने कहा की वायु सेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। सीमित संसाधनों से आरंभ हुई यह सेना आज विश्व की सबसे शक्तिशाली वायु सेनाओं में से एक है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायु सेना की आधुनिक मारक क्षमता ने दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त करने के साथ-साथ हौसलों को भी पस्त करने का काम किया। एयर वेटरन महेश ताखर ने कहा कि भारतीय वायु सेना दुश्मन के दांत खट्टे करने में सक्षम है। एयर वेटरन सत्यवान ने कहा कि भारत निर्मित लड़ाकू हवाई जहाज तेजस व फ्रांस निर्मित रफाल के वायु सेना के जंगी बेडे में शामिल होने से राष्ट्र की रक्षा पंक्ति मजबूत हुई है। एयर वेटरन अजय यादव ने बताया कि भारतीय वायुसेना की एडवांस मिसाइल टेक्नोलॉजी दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त करने में कारगर है। वारंट ऑफिसर सुरेंद्र शर्मा ने योग के माध्यम से स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं वायु सेना कोच हंसराज ने स्वस्थ रहने के लिए जीवन में खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। एयर वेटरन रोशन लाल ने जादू के कारनामे दिखाकर सभी को मंत्रमुग्ध किया। एसोसिएशन महासचिव अमरजीत सिंह बडेसरा ने बताया कि वायु सैनिक सेवानिवृत्ति पश्चात केंद्र एवं राज्य सरकारों के विभिन्न पदों पर उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य कर रहे हैं जिसका श्रेय भारतीय वायुसेना को जाता है। भारतीय वायु सेना विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षणों के माध्यम से मानव संसाधन को तरासने का कार्य करती है। वीर विक्रम भालोठिया ने बताया कि एयर वेटरन समाज सेवा में भी बढ़कर योगदान दे रहे हैं। एसोसिएशन के माध्यम से कानून व्यवस्था बनाए रखना में प्रशासन का सहयोग, होनहार जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता, सेनाओं में कमीशन अधिकारी बनने के लिए युवाओं को प्रेरित करना, प्रतिभा सम्मान, चरित्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, योग के माध्यम से फिजिकल फिटनेस, महिला सशक्तिकरण तथा नशा मुक्ति एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए निरंत प्रयास किया जा रहे हैं।
इस अवसर पर देवेंद्र चीफ मैनेजर, राम भगत, महेंद्र व धर्मपाल लाठर, सत्यवान, हंसराज, प्रशांत,शीशराम, अजय यादव, हरपाल, रोशन लाल, ब्रह्म दत्त, जनार्दन, सुरेंद्र शर्मा, महेश, संजय, आनंद, रमेश, संत कुमार, राजेश, सत्यवीर, योगेश व पंकज इत्यादि बड़ी संख्या में पूर्व वायु सैनिक उपस्थित रहे।

