Dharamshala: कांगड़ा में पंजाब का अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क बेनकाब, 274 ग्राम हेरोइन के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार
274 ग्राम हेरोइन के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार
Dharamshala: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत नूरपुर जिला पुलिस की सीआईए टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। डमटाल थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने पंजाब के तीन कथित तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 274 ग्राम हेरोइन बरामद की है। पुलिस के अनुसार, बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण डमटाल, कंडवाल और भदरोआ इलाका लंबे समय से पुलिस की निगरानी में रहता है। पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई नशा तस्करी के नेटवर्क पर बड़ी चोट है।
पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई को सीआईए स्टाफ नूरपुर की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान एक विश्वसनीय मुखबिर ने सूचना दी कि अमृतसर और बटाला से तीन युवक स्विफ्ट कार (PB06U-7122) में भारी मात्रा में हेरोइन लेकर भदरोआ, कंडवाल और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में सप्लाई करने आ रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत भदरोआ स्थित वन विभाग विश्राम गृह के पास नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध कार वहां पहुंची, जिसे रोककर उसकी तलाशी ली गई।
स्लिंग बैग से बरामद हुई 274 ग्राम हेरोइन
तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट पर बैठे आरोपी कुनाल अरोड़ा के काले रंग के स्लिंग बैग से 274 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही मादक पदार्थ का वजन कर उसे जब्त कर लिया। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार को भी कब्जे में ले लिया गया। इस मामले में डमटाल थाने में एफआईआर संख्या 116/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अमृतसर और बटाला के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय कुनाल अरोड़ा निवासी अमृतसर, 26 वर्षीय हैरी निवासी बटाला, जिला गुरदासपुर और 37 वर्षीय मोहित कुमार निवासी अमृतसर के रूप में हुई है। तीनों आरोपी पंजाब से स्विफ्ट कार में हेरोइन लेकर हिमाचल पहुंचे थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है और अब उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि हेरोइन की खेप किस सप्लायर से ली गई थी, इसे हिमाचल में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। अब सप्लाई चेन, स्थानीय संपर्कों, संभावित पैडलर्स और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। यदि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
