Kaithal Cyber Fraud: सावधान! हरियाणा में अब दोस्तों के नाम पर होने लगी ठगी, कलायत के पेंट व्यापारी से ऐंठे लाखों रुपये
दोस्त बन ठग ने लगाई ₹2.45 लाख की चपत
Kaithal Cyber Fraud: साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे अब आपसी रिश्तों और सालों पुराने भरोसे को भी ठगी का हथियार बना रहे हैं। कैथल जिले के कलायत कस्बे में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक अज्ञात जालसाज ने खुद को दोस्त का करीबी बताकर एक स्थानीय व्यापारी से 2 लाख 45 हजार रुपये ठग लिए। ठग ने इतनी सफाई से पूरी स्क्रिप्ट रची कि पीड़ित को भनक तक नहीं लगी कि वह किसी बड़ी साजिश का शिकार हो रहा है। घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित के असली दोस्त ने उसे फोन कर खुद के साथ हुई धोखाधड़ी की बात बताई।
10 साल पुरानी दोस्ती को बनाया ठगी का जरिया
कलायत के वार्ड नंबर 1, सीता नगर के रहने वाले संजीव कुमार कस्बे में ही पेंट की दुकान चलाते हैं। पुलिस को दी अपनी शिकायत में संजीव ने बताया कि पास के ही गांव कोयल के रहने वाले सतीश कुमार उनके पिछले 10 साल से बेहद घनिष्ठ मित्र हैं, जिनकी कोयल गांव में ही हार्डवेयर और प्लाई बोर्ड की दुकान है। बीते 6 जुलाई को संजीव के मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को सतीश का परिचित बताते हुए कहा कि उनके गांव का प्रदीप पुनिया, जो फिलहाल अमेरिका में है, उसे कुछ ही समय में भारत लौटना है। उसने झांसा दिया कि प्रदीप को यात्रा और कुछ जरूरी कागजी कार्रवाई के लिए तुरंत रुपयों की सख्त जरूरत है।
दोस्त के कहने पर बिना सोचे खाते में डाल दिए रुपये
फोन करने वाले शातिर अपराधी ने संजीव से कहा कि सतीश ने ही उन्हें फोन करने को कहा है। ठग ने संजीव को एक तथाकथित एजेंट का बैंक खाता नंबर दिया और उसमें तुरंत 2 लाख 45 हजार रुपये जमा कराने को कहा। संजीव ने अपने 10 साल पुराने दोस्त सतीश की बात और उसकी साख पर भरोसा करते हुए बिना कोई क्रॉस-वेरिफिकेशन किए बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। लेकिन कुछ ही देर बाद जब संजीव के पास उनके असली दोस्त सतीश का फोन आया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सतीश ने फोन पर बताया कि उसके नाम का इस्तेमाल कर किसी ने फ्रॉड किया है, तब जाकर संजीव को समझ आया कि वे ठगे जा चुके हैं।
साइबर थाना पुलिस ने दर्ज किया केस, खातों की हो रही जांच
इस हाईटेक धोखाधड़ी के बाद पीड़ित संजीव कुमार ने तुरंत कैथल के साइबर क्राइम पुलिस थाने का रुख किया और अज्ञात आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। साइबर थाना के जांच अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि तकनीकी इनपुट्स और जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उसकी डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि ठग को दोनों दोस्तों के आपसी संबंधों और उनके परिचितों के बारे में इतनी सटीक जानकारी कैसे मिली।
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