Chandigarh: ‘पौध मेला-2026’ में हरियाली का संदेश, मुख्य सचिव ने युवाओं से किया पर्यावरण संरक्षण का आह्वान
‘पौध मेला-2026’
Chandigarh: पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यूटी प्रशासन की ओर से मंगलवार को लेक क्लब परिसर में ‘पौध मेला-2026’ का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन यूटी के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने किया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से चंडीगढ़ को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में गृह सचिव एवं सचिव (वन एवं वन्यजीव) मंदीप सिंह बराड़ तथा मुख्य वन संरक्षक सौरभ कुमार भी उपस्थित रहे।
मेले में वन विभाग, इंजीनियरिंग विभाग के बागवानी प्रकोष्ठ, नगर निगम, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अपने स्टॉल लगाए। नागरिकों के लिए विभिन्न प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराए गए, ताकि अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण से जुड़ सकें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हों।
पौध मेले में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़ी कई नवाचार आधारित पहलें आकर्षण का केंद्र रहीं। स्कूली विद्यार्थियों ने हर्बल रंगों और जीरो वेस्ट तकनीक से तैयार जैविक खाद का प्रदर्शन किया। मॉडल जेल, बुड़ैल ने बंदियों द्वारा तैयार उत्पादों के माध्यम से कौशल विकास और पुनर्वास की झलक पेश की। 133 इको टास्क फोर्स ने अपनी नवग्रह वाटिका प्रदर्शित की, जबकि क्रेस्ट ने पीएम सूर्य घर योजना की जानकारी दी। स्वयं सहायता समूहों ने भी पर्यावरण अनुकूल उत्पादों का प्रदर्शन किया।
तितली संरक्षण पर आधारित विशेष स्टॉल ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यहां होस्ट और नेक्टर पौधों के महत्व की जानकारी दी गई तथा नागरिकों को तितली-अनुकूल उद्यान विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन, बागवानी अपशिष्ट प्रसंस्करण और वन्यजीव बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के इको क्लबों एवं इको सोसायटियों को सम्मानित किया। उन्होंने पर्यावरण विभाग द्वारा तैयार जलवायु शिक्षा एवं जन-जागरूकता पत्रिका ‘पहल’ का भी विमोचन किया। यह पत्रिका विद्यार्थियों और युवाओं में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पौध मेला जैसे आयोजन लोगों को प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं।
वहीं, गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़ ने कहा कि वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने पौध मेले को पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता का सशक्त मंच बताते हुए सभी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग की सराहना की।
