Rewari : रेवाड़ी में अवैध भ्रूण लिंग जांच का अंतरराज्यीय नेटवर्क बेनकाब, 5 साल में आए 5 बड़े मामले, हर बार जुड़े दूसरे जिलों और राज्यों के तार

प्रतीकात्मक फोटो ।
Rewari : हरियाणा में भ्रूण लिंग जांच पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है, बावजूद इसके यह अवैध नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो सका है।
हाल ही में सामने आए मामलों से यह साफ हो गया है कि इस काले धंधे में शामिल आरोपी किसी एक जिले तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों में फैले अपने संपर्कों के जरिए इस गिरोह को चला रहे हैं।
जैसे ही स्वास्थ्य विभाग का दबाव बढ़ता है, ये आरोपी अपनी लोकेशन बदल लेते हैं और डिकाय (नकली) मरीजों को अलग-अलग शहरों या राज्यों में घुमाकर जांच कराने का कुत्सित प्रयास करते हैं।
पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो रेवाड़ी में भ्रूण लिंग जांच से जुड़े पांच बड़े सनसनीखेज मामले सामने आए हैं, और हर बार के खुलासे में रेवाड़ी के बाहर के लोगों की मुख्य भूमिका पाई गई है। इन मामलों में अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मॉडल टाउन में सोनीपत-पानीपत टीम का बड़ा छापा
ताजा मामले में, सोनीपत और पानीपत की संयुक्त टीम ने रेवाड़ी के मॉडल टाउन स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो दलालों—रामनिवास और राहुल (दोनों निवासी पटौदी, गुरुग्राम)—को दबोचा।
आरोपी राहुल ने सोनीपत की एक गर्भवती महिला (डिकाय मरीज) से संपर्क किया था और रेवाड़ी के स्थानीय नेटवर्क के साथ मिलकर 65 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच का सौदा तय किया था। जैसे ही वे मरीज को लेकर अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंचे, टीम ने दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया।
पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. विद्या सागर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं और पुख्ता सूचना मिलने पर दूसरे जिलों में भी छापेमारी की जा रही है।
पिछले 5 वर्षों में उजागर हुए 5 बड़े नेटवर्क और खुलासे
वर्ष 2023 (60 हजार का सौदा): 23 फरवरी 2023 को झज्जर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेवाड़ी में कार्रवाई कर दो लैब टेक्नीशियन—बावल निवासी वेदप्रकाश और तुलाराम विहार निवासी पवन—को पकड़ा। ये दोनों कानोड गेट स्थित एक अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जांच कराने की फिराक में थे और 60 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था।
वर्ष 2022 (गुरुग्राम से राजस्थान तक का सफर): 24 फरवरी 2022 को रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग ने दो लोगों को पकड़ा। इस रैकेट के तार गुरुग्राम से जुड़े थे। आरोपी डिकाय मरीज को पहले गुरुग्राम, फिर धारूहेड़ा और वहां से राजस्थान के टपूकड़ा ले गए थे, जहां 45 हजार में सौदा तय होने के बाद टीम ने उन्हें धर दबोचा।
वर्ष 2020 (दिल्ली-गाजियाबाद तक फैला जाल): 1 अक्टूबर 2020 को रेवाड़ी टीम ने चार लोगों को गिरफ्तार किया। डिकाय मरीज को पहले गाजियाबाद और फिर दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर घुमाया गया। अंत में उसे गुरुग्राम लाकर एक वैन के भीतर अल्ट्रासाउंड कराने की कोशिश की गई, तभी टीम ने छापा मारकर दिल्ली, गाजियाबाद और गुरुग्राम के आरोपियों को दबोच लिया।
वर्ष 2019 (खेत के मकान में चलता था अवैध ठिकाना): 28 मार्च 2019 को गुरुग्राम की टीम ने रेवाड़ी के खोल क्षेत्र के गांव ढाणी कोलाना में एक ट्यूबवेल के कमरे में चल रहे इंटरस्टेट रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में कुल 8 लोग पकड़े गए थे, जो आसपास के जिलों से महिलाओं को यहां लाकर अवैध जांच करते थे।
वर्ष 2026 (ताजा कार्रवाई): हाल ही में सोनीपत-पानीपत की संयुक्त टीम ने मॉडल टाउन स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर दबिश देकर पटौदी के दो दलालों को 65 हजार की डील के साथ गिरफ्तार किया।
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