July 8, 2026

Wooden furniture care: मानसून में फूलने लगा है लकड़ी का फर्नीचर? इन आसान और असरदार तरीकों से सीलन और फफूंदी को कहें बाय

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Wooden furniture care: मानसून में फूलने लगा है लकड़ी का फर्नीचर? इन आसान और असरदार तरीकों से सीलन और फफूंदी को कहें बाय

बारिश की नमी से खराब नहीं होगा घर का फर्नीचर

Wooden furniture care: झमाझम बरसती बारिश और सुहाना मौसम हर किसी को सुकून देता है, लेकिन यही मौसम आपके घर में रखे कीमती लकड़ी के फर्नीचर के लिए किसी बड़ी आफत से कम नहीं होता। मानसून की दस्तक के साथ ही हवा में नमी का स्तर इस कदर बढ़ जाता है कि वह धीरे-धीरे लकड़ी के पोरों (छिद्रों) के रास्ते अंदर तक समा जाती है।

नतीजा यह होता है कि कुछ ही दिनों में अलमारी के दरवाजे अटकने लगते हैं, दराजें जाम हो जाती हैं, डाइनिंग टेबल का आकार बिगड़ने लगता है और बेड या कुर्सियों के जोड़ ढीले पड़ जाते हैं। अक्सर लोग समझ ही नहीं पाते कि चंद महीनों पहले खरीदा गया चमचमाता फर्नीचर अचानक इस तरह क्यों जवाब देने लगा। हालांकि, इसके लिए परेशान होने या महंगे केमिकल प्रोडक्ट्स पर पैसे बहाने की कतई जरूरत नहीं है। थोड़ी सी समझदारी और रखरखाव की सही आदतें आपके आशियाने की खूबसूरती को बरकरार रख सकती हैं।

खिड़कियों की बौछार और गीले कपड़ों से बचाएं अपनी जागीर

फर्नीचर को सुरक्षित रखने की पहली और बुनियादी शर्त यह है कि उसे सीधी बारिश की बौछार और लगातार रहने वाली नमी के संपर्क से दूर रखा जाए। अगर आपकी कोई पसंदीदा लकड़ी की कुर्सी या टेबल खिड़की के ठीक पास रखी है, तो भारी बारिश के समय खिड़कियों को कसकर बंद रखें या मोटे पर्दों का इस्तेमाल करें ताकि पानी की बूंदें उन पर न पड़ें।

इसके अलावा, मानसून में एक और आम गलती देखी जाती है—बाहर से भीगकर आने के बाद लोग अक्सर छाता, भीगे कपड़े या गीले तौलिए को सीधे सोफे या लकड़ी के बेड पर फेंक देते हैं। लगातार पानी के संपर्क में रहने से लकड़ी न सिर्फ फूलती है, बल्कि उस पर कभी न मिटने वाले बदरंग दाग भी पड़ जाते हैं।

दीवारों से बनाएं थोड़ी दूरी, वेंटिलेशन भी है बेहद जरूरी

इंटीरियर डिजाइनर्स का मानना है कि बारिश के दिनों में घरों की दीवारों में सीलन आना एक आम बात है। ऐसे में अगर आपकी भारी-भरकम लकड़ी की अलमारी या दीवान दीवार से बिल्कुल सटकर रखे हैं, तो दीवार की सीलन सीधे लकड़ी में ट्रांसफर हो जाती है, जिससे वहां सफेद या हरी फफूंदी (फाउल स्मेल और फंगस) पनपने लगती है।

इससे बचने के लिए फर्नीचर और दीवार के बीच हमेशा दो से तीन इंच का गैप (खाली जगह) जरूर छोड़ें ताकि हवा का आवागमन बना रहे। इसके साथ ही, घर को लंबे समय तक बंद रखने से बचें। जब भी बारिश थमे और मौसम साफ हो, तो घर की खिड़कियां और दरवाजे खोल दें ताकि ताजी हवा और हल्की धूप कमरे के भीतर आ सके। कमरे की नमी को कम करने के लिए पंखे की स्पीड तेज रख सकते हैं या पोर्टेबल डीह्यूमिडिफायर का सहारा भी लिया जा सकता है।

सूखे कपड़े की आदत और पॉलिश का ‘सुरक्षा कवच’

सफाई के मामले में मानसून का एक सख्त नियम है—गीले कपड़े को हाथ भी न लगाएं। बारिश के दिनों में रोजाना सफाई के लिए सिर्फ और सिर्फ सूखे, साफ और मुलायम माइक्रोफाइबर कपड़े का ही उपयोग करें। अगर आप गीले कपड़े से पोंछा मारेंगे, तो लकड़ी बची-कुची नमी को भी सोख लेगी।

इसके अतिरिक्त, सीजन की शुरुआत में ही फर्नीचर पर अच्छी क्वालिटी की वुड पॉलिश या नेचुरल वैक्स की एक कोटिंग करवा देना सबसे समझदारी भरा निवेश है। यह वैक्स लकड़ी की सतह को सील कर देता है, जिससे हवा की नमी उसके भीतर प्रवेश नहीं कर पाती और आपके आशियाने की रौनक सालों-साल नई जैसी बनी रहती है।

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