Panipat News: पानीपत में अस्पताल को फंसाने की खौफनाक साजिश, 73 वर्षीय बुजुर्ग महिला का अपहरण कर लिखवाई झूठी स्क्रिप्ट
महिला एजेंट शिल्पा और रविंद्र गुलिया की करतूत, निजी अस्पताल के खिलाफ वीडियो बनाने के लिए बुजुर्ग को दी धमकी
Panipat News: हरियाणा के पानीपत जिले में एक निजी अस्पताल के खिलाफ झूठी गवाही और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए 73 साल की एक बुजुर्ग महिला के अपहरण का बेहद चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है।
शातिर आरोपियों ने स्वास्थ्य जांच और अल्ट्रासाउंड कराने का झांसा देकर बुजुर्ग महिला को उनकी मर्जी के खिलाफ पहले हरिद्वार और फिर देश की राजधानी दिल्ली में बंधक बनाकर रखा। इस पूरी साजिश की कड़ियां तब खुलीं जब खौफ के साए में जी रही बुजुर्ग महिला ने रेवाड़ी पहुंचकर अपने बेटे के सामने रोते हुए अपना दर्द बयां किया। सेक्टर-29 थाना पुलिस ने पीड़ित बेटे की शिकायत पर नामजद महिला एजेंट शिल्पा और उसके साथी रविन्द्र गुलिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इलाज के बहाने आयुष्मान भव अस्पताल से किया पार
सेक्टर-29 थाना पुलिस को सौंपी गई शिकायत में गांव बिहोली के रहने वाले रामफल ने बताया कि उनकी 73 वर्षीय माता छन्नो देवी सेना की ईसीएचएस (ECHS) योजना की लाभार्थी हैं।
गत 11 जून को आरोपी रविंद्र गुलिया और शिल्पा उनकी मां को घर से पानीपत के आयुष्मान भव अस्पताल में इलाज कराने के बहाने लेकर आए थे। 13 जून को जब रामफल अपनी मां की सुध लेने अस्पताल पहुंचा, तो वे कमरा नंबर 10 में दाखिल थीं और सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन असली खेल इसके बाद शुरू हुआ।
अल्ट्रासाउंड का बहाना बना और गायब हो गईं बुजुर्ग मां
शिकायतकर्ता रामफल के मुताबिक जब वह 15 जून को दोबारा अपनी मां से मिलने अस्पताल पहुंचा, तो वहां मौजूद स्टाफ ने उसे बताया कि उसकी मां को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए किसी दूसरे अस्पताल ले जाया गया है। जब दो से तीन घंटे बीत जाने के बाद भी छन्नो देवी वापस नहीं लौटीं, तो रामफल का माथा ठनका।
उसने जब अस्पताल प्रबंधन से कड़ाई से पूछताछ की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उसकी मां वहां दाखिल ही नहीं थीं। घबराए बेटे ने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन डायल 112 पर कॉल कर मदद मांगी। पुलिस के दखल के बाद अस्पताल प्रबंधन ने कबूला कि शिल्पा और रविंद्र गुलिया बुजुर्ग महिला को अपने साथ हरिद्वार ले गए हैं।
कोरे कागजों पर अंगूठा और जबरन बनवाया वीडियो
घर लौटने के बाद बुजुर्ग महिला इस कदर डरी और सहमी हुई थी कि उसने शुरुआत में किसी से एक शब्द भी नहीं कहा। उनका मन बहलाने के लिए उनकी बेटी उषा देवी उन्हें अपने साथ रेवाड़ी स्थित ससुराल ले गई। 4 जुलाई को जब रामफल अपनी मां से मिलने रेवाड़ी पहुंचा, तो छन्नो देवी का सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई।
बुजुर्ग महिला ने बताया कि रविंद्र और शिल्पा ने इस वारदात से करीब 8-10 दिन पहले ही एक सोची-समझी साजिश के तहत उनसे कुछ कोरे कागजों पर अंगूठा लगवा लिया था। यही नहीं, आरोपियों ने अपनी मर्जी के मुताबिक एक निजी अस्पताल के खिलाफ उनसे जबरन झूठे बयान दिलवाकर एक वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया था।
जान से मारने की धमकी, पुलिस तफ्तीश में जुटी
पीड़िता ने बताया कि आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वारदात के बाद उन्होंने गांव आकर भी शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। पानीपत की सेक्टर-29 थाना पुलिस ने पीड़ित बेटे रामफल की शिकायत के आधार पर आरोपी रविंद्र गुलिया और शिल्पा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस पूरी साजिश के पीछे मुख्य सूत्रधार कौन है और किस निजी अस्पताल को निशाना बनाने के लिए बुजुर्ग महिला का इस्तेमाल किया जा रहा था।
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