Palwal News: सांप काटने के बाद अस्पताल के फर्श पर चला झाड़-फूंक, नीम की पत्तियां खिलाते तांत्रिक का वीडियो वायरल

सांप काटने के बाद अस्पताल के फर्श पर चला झाड़-फूंक
Palwal News: आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के दौर में भी सरकारी अस्पतालों के भीतर अंधविश्वास का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पलवल के जिला नागरिक अस्पताल से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल परिसर के भीतर ही फर्श पर बैठाकर सर्पदंश से अचेत एक युवती का नीम की पत्तियों से झाड़-फूंक किया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही स्वास्थ्य महकमे में अफरा-तफरी मच गई और अस्पताल प्रशासन को सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा।
घटना 18 अगस्त की बताई जा रही है। पलवल के गांव चांदहट की रहने वाली 20 वर्षीय बबीता अपने खेत में काम कर रही थी, तभी उसके हाथ पर एक जहरीले सांप ने डंस लिया। जहर के असर से बबीता की हालत बिगड़ने लगी तो घबराए परिजन उसे फौरन पलवल के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के तहत युवती की जांच की और उसे सांप के जहर को बेअसर करने वाला एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाया।
इमरजेंसी के बाहर मिला कथित हकीम, परिजनों ने बुला लिया अंदर
अस्पताल में चले इस पूरे ड्रामे के पीछे की कहानी बताते हुए बबीता के भाई बिट्टू ने बताया कि जब वे बहन को लेकर इमरजेंसी में पहुंचे थे, तभी बाहर एक व्यक्ति मिला। उसने दावा किया कि वह नीम की पत्तियों और अपने तांत्रिक ज्ञान से सांप का पूरा जहर निकाल सकता है। बबीता को आधी बेहोशी की हालत में देखकर परिजन घबरा गए और उन्होंने बिना सोचे-समझे उस व्यक्ति को अस्पताल के भीतर ही बुला लिया।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवती फर्श पर नीम-बेहोशी की स्थिति में बैठी है। उसके सामने नंगे पैर बैठा अधेड़ उम्र का व्यक्ति नीम की पत्तियों से उस पर झाड़ा लगा रहा है। बीच-बीच में वह युवती की कलाई पकड़कर अंगुलियां दबाता है और मुंह में मंत्र बुदबुदाते हुए उसे नीम की कड़वी पत्तियां खाने को देता है। पास में ही पीड़ित परिवार के सदस्य भी असहाय बनकर बैठे दिखाई दे रहे हैं।
नल्लड़ रेफर की गई युवती, डिस्चार्ज के बाद परिजनों ने ली राहत की सांस
सिविल अस्पताल में प्राथमिक एंटी-वेनम इंजेक्शन और इस अजीबोगरीब झाड़-फूंक के बाद डॉक्टरों ने युवती की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे नल्लड़ (मेवात) स्थित मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन बबीता को वहां ले गए, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में चले इलाज के बाद मंगलवार शाम को उसे छुट्टी दे दी गई। परिजनों का कहना है कि वे रास्ते में उसे एक देसी हकीम के पास भी ले गए थे, लेकिन फिलहाल बबीता पूरी तरह से स्वस्थ है। उनके लिए अपने मरीज की जान बचाना सबसे पहली प्राथमिकता थी।
प्रशासनिक बचाव: ‘डॉक्टरों ने नहीं बुलाया तांत्रिक, अस्पताल के दूसरे हिस्से का है वीडियो’
अस्पताल के भीतर खुलेआम हुए इस अंधविश्वास के खेल पर पलवल सिविल अस्पताल के एसएमओ (SMO) डॉ. संजय ने अस्पताल प्रशासन का बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की झाड़-फूंक या गैर-चिकित्सकीय गतिविधियों की सख्त मनाही है।
डॉ. संजय के मुताबिक, “अस्पताल के किसी डॉक्टर या स्टाफ ने झाड़ा लगाने वाले को नहीं बुलाया था। परिजनों ने खुद ही बाहर से उस व्यक्ति को अंदर बुला लिया था। जैसे ही अस्पताल स्टाफ को इसकी भनक लगी, उस व्यक्ति को तुरंत वहां से बाहर खदेड़ दिया गया। मरीज को समय पर एंटी-वेनम इंजेक्शन दे दिया गया था।” एसएमओ ने यह भी दावा किया कि वायरल हो रहा वीडियो इमरजेंसी वार्ड के मुख्य हिस्से का नहीं, बल्कि परिसर के दूसरे कोने का है। बहरहाल, इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा इंतजाम और जागरूकता की कितनी भारी कमी है।
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