Panchkula News: पंचकूला के कालका कॉलेज में हड़कंप, पीने के पानी के कैंपर में तैरते मिले कॉकरोच, सैंपल लैब भेजे गए

पंचकूला के कालका कॉलेज में हड़कंप, पीने के पानी के कैंपर में तैरते मिले कॉकरोच, सैंपल लैब भेजे गए
Panchkula News: पंचकूला जिले के कालका स्थित स्टैंडर्ड कॉलेज में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पीने के पानी की सप्लाई करने वाले प्राइवेट सप्लायरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलेज में छात्रों के पीने के लिए मंगाए गए पानी के कैंपर के भीतर तैरते हुए कॉकरोच पाए गए। गनीमत यह रही कि छात्रों की नजर समय रहते पड़ गई, वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था। मामला उजागर होते ही कॉलेज प्रशासन ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को इसकी इत्तिला दी।
12वीं के छात्र ने ढक्कन खोला तो उड़े होश, प्राइवेट सप्लायर की खुली पोल
कॉलेज प्रबंधक आरसी शर्मा के मुताबिक, ‘हिल टॉप आरओ वॉटर सर्विस’ नाम की एक प्राइवेट फर्म रोजाना की तरह कॉलेज में पानी के कैंपर सप्लाई करने आई थी। दोपहर के वक्त जब 12वीं कक्षा का एक छात्र पानी पीने के लिए कैंपर के पास पहुंचा और उसने जैसे ही उसका ढक्कन हटाया, तो अंदर का नजारा देख उसके होश उड़ गए। पानी में कई कॉकरोच तैर रहे थे। छात्र ने बिना देर किए इसकी जानकारी कॉलेज प्रबंधन को दी, जिसके बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।
स्वास्थ्य विभाग ने लैब भेजे सैंपल, जल विभाग ने झाड़ा पल्ला
प्रबंधक ने तुरंत कालका के सब-डिविजनल अस्पताल (एसडीएच) में संपर्क किया। अस्पताल के एसएमओ डॉ. राजीव नरवाल ने मामले को संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य कर्मी (MPH-W) राहुल को तुरंत जांच के लिए कॉलेज भेजा। टीम ने दूषित पानी के सैंपल सील कर परीक्षण के लिए लैब भिजवा दिए हैं।
दूसरी तरफ, जब कॉलेज प्रबंधन ने जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग (जल विभाग) से संपर्क किया, तो अधिकारियों ने साफ कर दिया कि वे किसी भी कमर्शियल या प्राइवेट सप्लायर को पानी सप्लाई नहीं करते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि ये सप्लायर कहां से और कितना असुरक्षित पानी लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
त्योहारों में बरतें सावधानी, गंदा पानी बन सकता है जानलेवा
घटना के बाद कॉलेज प्रबंधक आरसी शर्मा ने आम लोगों और अन्य संस्थानों से अपील की है कि वे बाजार से आने वाले पानी के कैंपरों का इस्तेमाल करने से पहले उसकी अच्छी तरह से जांच जरूर कर लें। उन्होंने कहा कि त्योहारों के सीजन में कैंपर वाले पानी की मांग काफी बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर कई वेंडर साफ-सफाई के मानकों को ताक पर रख देते हैं। ऐसा दूषित पानी पीने से हैजा, टाइफाइड और पेट के गंभीर रोग फैल सकते हैं। एसएमओ डॉ. राजीव नरवाल ने भरोसा दिलाया है कि लैब रिपोर्ट आते ही दोषी सप्लायर के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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