Panipat News: समालखा में युवक पर लोहे की दांती लगे डंडे से हमला, जान बचाने को दीवार कूदा पीड़ित

समालखा में युवक पर लोहे की दांती लगे डंडे से हमला
Panipat News: पानीपत जिले के समालखा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव खलीला प्रहलादपुर में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। टेंट हाउस में मजदूरी कर रात को घर लौटे एक युवक को गांव के ही कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश या अकारण विवाद के चलते रास्ते में रोक लिया और लोहे की दांती लगे डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले में युवक के पैर बुरी तरह टूट गए हैं। गंभीर रूप से घायल युवक को पानीपत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
खाना खाकर टहलने निकला था विक्की, रास्ते में घात लगाकर बैठे थे आरोपी
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता बाला देवी ने बताया कि उनके तीन बेटों में सबसे छोटा बेटा विक्की समालखा के एक टेंट हाउस में काम करता है। 31 अगस्त की रात करीब 11 बजे विक्की दुकान से काम निपटाकर घर पहुंचा था। खाना खाने के बाद वह थोड़ी देर टहलने के लिए घर से बाहर निकला ही था कि रास्ते में गांव के ही राजेश उर्फ छोटा और सतपाल उर्फ सत्तू ने उसका रास्ता रोक लिया।
शिकायत के मुताबिक, राजेश के हाथ में लोहे की तीखी दांती लगा डंडा था, जिससे उसने विक्की के दाहिने पैर पर जानलेवा वार करना शुरू कर दिया। वहीं सतपाल ने भी अपने डंडे से उसके पैरों पर लगातार हमले किए, जिससे विक्की वहीं चीखते हुए गिर पड़ा।
‘इसे आज जान से मार दो’— आरोपी की मां के उकसाने पर सहम गया युवक
मारपीट के दौरान ही आरोपी राजेश की मां गीता भी मौके पर पहुंच गई। आरोप है कि महिला ने बीच-बचाव करने के बजाय अपने बेटे को भड़काते हुए चिल्लाना शुरू कर दिया कि “इसे आज जिंदा मत छोड़ो, इसकी गर्दन ही काट दो!”
महिला की ललकार और जान से मार देने की धमकी से घबराकर लहूलुहान विक्की ने अपनी बची-कुची ताकत जुटाई और जान बचाने के लिए पास में ही स्थित पड़ोसी दीपक के घेर (बाड़े) की ऊंची दीवार कूद गया। दीवार फांदते ही अत्यधिक खून बहने और दर्द के कारण वह घेर के अंदर ही बेहोश होकर गिर पड़ा।
सुबह 5 बजे घेर में लहूलुहान पड़ा मिला, निजी अस्पताल में हालत गंभीर
अगली सुबह यानी 1 सितंबर को करीब 5 बजे जब पड़ोसी दीपक अपने घेर में पहुंचा, तो उसने विक्की को वहां खून से लथपथ और अचेत अवस्था में पड़ा देखा। उसने तुरंत विक्की के बड़े भाई मोनू को फोन कर हादसे की जानकारी दी।
खबर मिलते ही मां बाला और परिजन बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। परिजनों ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचित किया और एम्बुलेंस की मदद से पहले उसे सरकारी अस्पताल समालखा ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने विक्की की नाजुक हालत को देखते हुए पानीपत रेफर कर दिया, जहां एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
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