Narnaul : सफाई कर्मचारियों की 28वें दिन भी हड़ताल जारी, शहर में जगह – जगह लगे कूड़ें के ढेर

नारनौल में 28वें दिन भी धरने पर बैठे सफाई कर्मचारी
Narnaul News: प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आज 28वें दिन में प्रवेश कर चुकी है ऐसे में प्रदेश के साथ – साथ नारनौल में भी सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, यहां जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं जिससे बिमारीयों के फैलने की भी आशंका बढ़ गई है।

प्रधान बोले सरकार कर रही वादाखिलाफी
नगर पालिका कर्मचारी संघ नारनौल के प्रधान भूपेंद्र सारवान ने बताया कि हमारा सरकार से 13 मई 2026 को हमारी 22 मांगों में से 13 मांगो पर सहमति बन गई थी लेकिन आज तक सरकार ने कोई भी मांग मानने का अधिकारिक लेटर जारी नहीं किया है जो कि इनकी कर्मचारियों के प्रति नियत को दर्शाता है, सरकार हमें सिर्फ झूठा आश्वासन देकर गुमराह कर रही है।
शहीद फायर कर्मियों के आश्रितों को अभी तक नहीं मिली नौकरी
प्रधान भूपेंद्र सारवान कहते हैं कि सरकार ने अभी तक फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हूए दो कर्मचारियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी का अपना वादा नहीं निभाया है तो हमारी तो क्या ही मांगे मानेगें , चूंकि सरकार नें 13 मई को कहा था कि 30 जून तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का कर दिया जाएगा लेकिन अभी तक इसपर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
हमारा प्रशासन से कोई टकराव नहीं
सफाई कर्मचारियों ने कहा कि हमारा यहां प्रशासन से कोई टकराव नहीं है यहां अगर प्रशासन शहर में सफाई करता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन अगर सरकार हमारी सभी मांगे नहीं मानेगी तो हम इस आंदोलन को और भी तेज करेंगे।
ये हैं सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगे
1. पे-रोल के सफाई कर्मचारियों व सीवरमैन को पक्का किया जाए
2. HKRN व विभिन्न ठेकों में लगे तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को भी नई निति बनाकर पक्का किया जाए।
3. एक्सग्रेसिया पॉलिसी को सरल बनाई जाए और कच्चे कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया जाए।
4. हड़ताल के दौरान रोहतक में 42 डोर टू डोर कर्मचारियों को हटाया गया था उनको वापिस लिया जाए ।
5. फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारियों के परिजनों को एक करोड़ की सहायता राशी दी जाए साथ ही उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए ।
6. सफाई कर्मी व फायर कर्मियों को 5000 रु जोखिम भत्ता दिया जाए।
