Pathankot में मंत्री lal chand kataruchak के आवास के बाहर कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन

Pathankot में मंत्री lal chand kataruchak के आवास के बाहर कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन
Pathankot | lal chand kataruchak | पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली, महंगाई भत्ते (DA) के बकाया एरियर का भुगतान और लंबे समय से सेवाओं को नियमित करने की राह देख रहे कच्चे कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। पंजाब भर के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों में शासन-प्रशासन के रवैये को लेकर गहरी नाराजगी है।
इसी असंतोष के चलते ‘पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर्स साझा फ्रंट’ और ‘सांझा कर्मचारी मंच पंजाब’ की संयुक्त कोआर्डिनेशन कमेटी के बैनर तले कर्मचारियों ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। आज इसी रणनीति के तहत राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक के पठानकोट स्थित पैतृक गांव कटारूचक के आवास पर एक विशाल प्रदर्शन करते हुए घेराव किया गया।
वादाखिलाफी और खामोशी पर भड़के कर्मचारी
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे पीएसएमएसयू के जिलाध्यक्ष विशालवीर ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सूबे का पूरा मुलाजिम वर्ग और पेंशनभोगी सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों से बुरी तरह त्रस्त हो चुका है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक लाल चंद कटारूचक को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान जीत के अंतर को तय करने में सरकारी कर्मचारियों के एक-एक वोट की अहम भूमिका रही थी।
कर्मचारियों की बदौलत विधानसभा की सीढ़ियां चढ़ने वाले नेता आज सदन के भीतर कर्मचारियों के हक की आवाज उठाने से पूरी तरह कतरा रहे हैं। पिछले लंबे समय से चली आ रही बैठकों और वार्ताओं का दौर केवल कागजी साबित हुआ है, और धरातल पर सरकार की तरफ से कर्मचारियों को सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले हैं।
आर-पार के मूड में कर्मचारी संगठन
कर्मचारी नेताओं का साफ कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों का ठोस समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक उनका यह संघर्ष और अधिक तेज किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी के बीच प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में हुंकार भरी।
इस विरोध प्रदर्शन ने आने वाले दिनों में राजनीतिक हलचल और तेज होने के संकेत दे दिए हैं, क्योंकि चुनाव नजदीक आने के साथ कर्मचारियों का यह आक्रोश सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
