नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म किए जाने के विरोध में शुक्रवार को एक यात्रा निकाली। पार्टी का आरोप है कि केंद्र की मोदी सरकार ने नया कानून लाकर मनरेगा जैसी अहम योजना को समाप्त कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया। यह यात्रा महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर कांग्रेस के ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान के तहत निकाली गई। यात्रा की शुरुआत पार्टी के पुराने मुख्यालय 24 अकबर रोड से हुई, लेकिन पुलिस ने कुछ दूरी पर ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक दिया।


इस यात्रा में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन, दिल्ली प्रभारी काजी मोहम्मद निजामुद्दीन, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मनरेगा कानून को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा एक ऐतिहासिक और जनहित से जुड़ा कानून था, जिसे सितंबर 2005 में सर्वसम्मति से संसद में पास किया गया था। इस कानून के तहत ग्रामीण लोगों को काम की कानूनी गारंटी मिलती थी और इससे पंचायतें भी मजबूत हुई थीं।



महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विरोध प्रदर्शन

कांग्रेस की यह यात्रा महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान के तहत निकाली गई। यात्रा की शुरुआत कांग्रेस के पुराने मुख्यालय 24 अकबर रोड से हुई, लेकिन पुलिस ने कुछ दूरी पर ही नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक दिया।



वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता रहे शामिल

इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, कोषाध्यक्ष अजय माकन, दिल्ली प्रभारी काजी मोहम्मद निजामुद्दीन, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव सहित कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।



जयराम रमेश का सरकार पर हमला

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मनरेगा एक ऐतिहासिक कानून था, जिसे सितंबर 2005 में संसद ने सर्वसम्मति से पास किया था। इस कानून ने ग्रामीण लोगों को काम की कानूनी गारंटी दी और पंचायतों को मजबूत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस कानून को खत्म कर दिया क्योंकि यह महात्मा गांधी के नाम से जुड़ा हुआ था।



कांग्रेस ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी

कांग्रेस के मीडिया विभाग प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी मनरेगा के खिलाफ उठाए गए कदमों का डटकर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि जो सरकार किसानों, मजदूरों और युवाओं का सम्मान नहीं करती, वह ज्यादा समय तक सत्ता में नहीं रह सकती।



नए कानून को लेकर सियासत तेज

गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र में मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत–जी राम जी विधेयक’ पारित किया गया, जो अब कानून बन चुका है। इसी को लेकर देश की राजनीति में बहस तेज हो गई है।

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