चंडीगढ़: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को लोकसभा में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर पंजाब और हरियाणा में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां एक ओर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और दोनों राज्यों में विपक्षी दलों ने बजट को किसानों, युवाओं और राज्यों की अपेक्षाओं के अनुरूप न बताते हुए निराशाजनक करार दिया, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और हरियाणा की सत्तारूढ़ सरकार ने इसे “दूरदर्शी”, “जन-केंद्रित” और “विकासोन्मुख” बताया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार एक बार फिर किसानों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में न तो किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर कोई ठोस घोषणा की गई है और न ही युवाओं, उद्योग जगत या करों में राहत से जुड़ा कोई प्रावधान किया गया है।



पंजाब: मुख्यमंत्री भगवंत मान का केंद्र पर हमला

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय बजट पर नाराजगी जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार एक बार फिर किसानों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर कोई ठोस घोषणा की गई है और न ही युवाओं, उद्योग या कर राहत के लिए कोई प्रभावी प्रावधान किया गया है। मान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह बजट पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में विफल रहा है और राज्य के साथ हमेशा की तरह सौतेला व्यवहार किया गया है।



पंजाब कांग्रेस का आरोप: राज्य को पूरी तरह भुला दिया गया

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि बजट 2026-27 यह साबित करता है कि पंजाब को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि न किसानों के लिए कोई राहत है, न युवाओं के लिए रोजगार की स्पष्ट नीति और न ही उद्योग या शहरी विकास के लिए कोई ठोस योजना।



भाजपा का बचाव: किसानों और युवाओं के लिए अवसर

भाजपा के पंजाब प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने बजट का समर्थन करते हुए इसे “दूरदर्शी, जनहितैषी और विकासोन्मुख” बताया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए बढ़ा हुआ आवंटन, एमएसपी का आश्वासन, ग्रामीण अवसंरचना और कृषि स्टार्टअप्स के लिए सहायता से पंजाब के किसानों को लाभ मिलेगा। साथ ही रोजगार, कौशल विकास और एमएसएमई पर दिया गया जोर युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा।



हरियाणा सरकार का दावा: ‘सबका साथ, सबका विकास’ का बजट

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय बजट को जनहितकारी बताते हुए कहा कि यह अंत्योदय की भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि 53.5 लाख करोड़ रुपये का कुल बजट और 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय हरियाणा जैसे विकासशील राज्यों को विशेष लाभ देगा, जिससे किसानों, युवाओं, महिलाओं और छोटे उद्यमियों को सीधा फायदा होगा।



अनिल विज: स्वास्थ्य और आयुर्वेद क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि बजट में औषधि और आयुर्वेद क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कैंसर की दवाओं और उपचार उपकरणों पर कर में कटौती तथा आयुर्वेद के लिए एम्स स्तर के संस्थान की घोषणा का स्वागत किया और इसे रोजगार सृजन के लिए अहम बताया।



हरियाणा कांग्रेस का विरोध: जमीनी हकीकत से दूर बजट

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बजट को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इसमें महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की ऋण माफी और ग्रामीण संकट जैसे मुद्दों की अनदेखी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी योजनाओं में कटौती से ग्रामीण रोजगार कमजोर होगा।



कांग्रेस नेताओं का आरोप: हरियाणा बजट से गायब

कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि बजट 2026 में हरियाणा का नाम मात्र का जिक्र है। रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने दावा किया कि हरियाणा एक बार फिर केंद्रीय बजट से खाली हाथ रह गया है, जबकि राज्य देश को भारी जीएसटी और टोल टैक्स राजस्व देता है। सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने भी कहा कि न किसानों के लिए ठोस प्रावधान हैं और न ही बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार की कोई स्पष्ट योजना।

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