Punjab BJP Delegation Meets Governor : राज्यपाल से मिले भाजपा नेता, बोले- गुलजार सिंह केस की जांच सीबीआई करवाई जाए

राज्यपाल से मिले भाजपा नेता, बोले- गुलजार सिंह केस की जांच सीबीआई करवाई जाए
Punjab BJP Delegation Meets Governor : संगरूर जिले के गांव तूर बंजारा निवासी गुलजार सिंह की कथित आत्महत्या और मानसिक प्रताड़ना के मामले ने पंजाब की सियासत में भूचाल ला दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पंजाब का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पंजाब के माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक विस्तृत ज्ञापन (मेमोरेंडम) सौंपकर पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय सीबीआई (CBI) जांच कराने की पुरजोर मांग की।
गवर्नर को सौंपे गए ज्ञापन में भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान इलाके में फैल रहे नशीले पदार्थों (ड्रग्स) पर सवाल पूछने की सजा गुलजार सिंह को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
‘नशे पर आवाज उठाने पर बनाया गया मानसिक दबाव’—एडवोकेट एन.के. वर्मा
पंजाब भाजपा लीगल सेल के संयोजक एडवोकेट एन.के. वर्मा ने मामले की पृष्ठभूमि साझा करते हुए कहा कि दलित समुदाय से आने वाले गुलजार सिंह ने केवल अपने क्षेत्र में खुलेआम बिक रहे ड्रग्स पर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई थी। लेकिन इसके बाद उन पर मानसिक दबाव बनाया गया, उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और जबरन माफी मांगने के लिए विवश किया गया, जिससे क्षुब्ध होकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
वर्मा ने मांग की कि इस पूरे मामले में बिना किसी राजनीतिक दबाव या भेदभाव के जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटनाक्रम में कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा समेत चार प्रमुख लोगों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई हो।
पीड़ित परिवार को नौकरी-मुआवजे और मोहनजीत सिंह केस की जांच की मांग
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मांग की कि पंजाब में आम जनता को नशीले पदार्थों के खिलाफ आवाज उठाने के संवैधानिक अधिकार की सुरक्षा दी जाए। इसके साथ ही, संगरूर के शेरोन गांव में मुख्यमंत्री के ‘लोक मिलानी’ कार्यक्रम के दौरान हिरासत में लिए गए युवक मोहनजीत सिंह शेरोन पर हुई पुलिसिया प्रताड़ना के मामले की भी निष्पक्ष जांच कराने की अपील की गई।
पार्टी ने राज्यपाल के समक्ष निम्नलिखित मुख्य मांगें रखीं:
- गुलजार सिंह मौत मामले की निष्पक्ष और निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच।
- मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई।
- दोषी या लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी एक्शन।
- पीड़ित परिवार को उचित वित्तीय मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी।
पूरे पंजाब में मान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान
गवर्नर से मुलाकात के बाद भाजपा नेताओं ने ऐलान किया कि पार्टी इस लड़ाई को केवल ज्ञापनों तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि गुलजार सिंह के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक हर मंच पर आवाज उठाएगी। पार्टी ने आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन और धरणों की श्रृंखला शुरू करने की चेतावनी दी है।
इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव परमिंदर सिंह बराड़, रजनीश धीमान, प्रदेश उपाध्यक्ष रणजीत सिंह गिल, डॉ. सुभाष शर्मा, गेजा राम वाल्मीकि, पूर्व केंद्रीय मंत्री गुरमीत सिंह राणा सोढ़ी, वरिष्ठ नेता फतेहजंग सिंह बाजवा, बीबा अमनजोत कौर रामूवालिया, लीगल सेल संयोजक एन.के. वर्मा, किसान विंग अध्यक्ष लखविंदर सिंह, पूर्व डीजीपी एस.एस.एस. विर्क, पूर्व डीजीपी परमदीप सिंह गिल, वरिष्ठ नेता जगदीप सिंह चीमा, मीडिया सेल प्रमुख विनीत जोशी और सोशल मीडिया संयोजक अजय अरोड़ा सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
