Punjab Farmers Protest: किसानों का दिल्ली कूच टला, केंद्र ने बातचीत के लिए बुलाया, मनोहर लाल समेत 3 केंद्रीय मंत्री होंगे शामिल

किसानों का दिल्ली कूच टला
Punjab Farmers Protest: खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे पंजाब के किसानों को केंद्र सरकार की ओर से बातचीत का न्योता मिला है। किसानों और केंद्र के बीच 4 सितंबर को बैठक होगी, जिसमें तीन केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी वार्ता में मौजूद रहेंगे। हालांकि, बैठक कहां होगी, यह अभी तय नहीं हुआ है। केंद्र से बातचीत का न्योता मिलने के बाद किसानों ने आज हरियाणा के रास्ते अर्धनग्न होकर दिल्ली कूच करने का अपना कार्यक्रम टाल दिया है। किसानों ने इसके साथ ही खनौरी बॉर्डर पर चल रहा धरना भी खत्म कर दिया।
55 किसानों को हरियाणा बॉर्डर पर रोका गया था
तीन दिन पहले पंजाब से 55 किसानों का जत्था दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। किसानों को खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस ने रोक दिया था। इसके बाद किसानों और जींद की DC वैशाली शर्मा के बीच दो दौर की बैठक हुई। इन बैठकों में किसानों की मांगों को लेकर कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर पक्का मोर्चा लगाने का ऐलान कर दिया और पंजाब की तरफ धरने पर बैठ गए।
अर्धनग्न होकर दिल्ली जाने का किया था ऐलान
प्रशासन के साथ बातचीत का कोई रास्ता नहीं निकलने के बाद किसानों ने केंद्र पर दबाव बनाने के लिए आज अर्धनग्न होकर हरियाणा के रास्ते दिल्ली कूच करने का ऐलान किया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से केंद्र के साथ बैठक तय कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। अब 4 सितंबर की बैठक के लिए केंद्र का औपचारिक न्योता मिलने के बाद किसानों ने दिल्ली कूच का कार्यक्रम टाल दिया है। फिलहाल किसान केंद्र के साथ होने वाली वार्ता पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध कर रहे किसान
किसानों का आंदोलन भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में है। किसान इस समझौते को लेकर अपनी आपत्तियां केंद्र सरकार के सामने रखना चाहते हैं। अब 4 सितंबर को होने वाली बैठक में किसान अपनी मांगों और ट्रेड डील से जुड़े मुद्दों को केंद्र के सामने रखेंगे। बैठक का स्थान अभी तय नहीं हुआ है, जबकि इसमें तीन केंद्रीय मंत्रियों के शामिल होने की बात कही गई है।
दो बैठकों के बाद निकला बातचीत का रास्ता
खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर किसानों को रोके जाने के बाद जींद प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई दो बैठकों से तत्काल कोई सहमति नहीं बनी थी। इसके बाद आंदोलन तेज करने की तैयारी थी। केंद्र से बातचीत का न्योता मिलने के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। अब किसानों और केंद्र सरकार के बीच 4 सितंबर की वार्ता में आगे का रास्ता तय होगा।
