Punjab School Bus Safety: पंजाब में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने स्कूल वाहनों की जांच और नियमों के पालन पर सख्ती बढ़ा दी है। वर्ष 2025 से सितंबर 2026 तक प्रदेशभर में 13 हजार 995 स्कूल बसों की जांच की गई। जांच के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलने पर 3 हजार 621 बसों के चालान काटे गए, जबकि 31 बसों को जब्त किया गया। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी को सख्ती से लागू कर रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों का पालन सीधे बच्चों और अभिभावकों से जुड़ा मुद्दा है। रोजाना हजारों बच्चे इन्हीं वाहनों से स्कूल आते-जाते हैं, ऐसे में वाहन की सुरक्षा व्यवस्था, नियमों का पालन और नियमित जांच बेहद जरूरी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 के दौरान जिला स्तरीय समितियों ने प्रदेशभर में 8 हजार 325 स्कूल बसों की जांच की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 2 हजार 26 बसों के चालान किए गए। कार्रवाई के दौरान 24 स्कूल बसों को जब्त भी किया गया। सरकार ने साफ किया है कि बच्चों को ले जाने वाले वाहनों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा।
2026 में सितंबर तक 5,670 बसों की जांच
जनवरी से सितंबर 2026 तक चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान 5 हजार 670 स्कूल बसों की जांच की गई। इस अवधि में नियमों का उल्लंघन मिलने पर 1 हजार 595 बसों के चालान काटे गए। जांच के दौरान 7 बसों को जब्त किया गया। 2025 और सितंबर 2026 तक के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो कुल 13,995 स्कूल बसों की जांच हुई और हजारों वाहनों पर नियमों के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की गई।
डॉ. बलजीत कौर ने सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिए हैं कि जिला स्कूल वाहन जांच समितियां और संबंधित विभाग सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के सभी नियमों का सख्ती से पालन करवाएं। जांच के दौरान सामने आने वाली कमियों को भी तुरंत दूर करवाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को स्कूल तक आने-जाने के दौरान सुरक्षित वाहन उपलब्ध हों। नियमों में कमी मिलने पर उसे समय रहते दूर करना बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है।
अभिभावकों से भी लापरवाही की सूचना देने की अपील
मंत्री ने स्कूल प्रबंधन और ट्रांसपोर्टरों से अपील की है कि बच्चों की आवाजाही के लिए केवल निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों का ही इस्तेमाल करें। वाहन संचालन में किसी तरह की लापरवाही बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की। यदि स्कूल बसों में किसी तरह की लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन दिखाई देता है तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षित स्कूल यात्रा सुनिश्चित करना सरकार, स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालकों और अभिभावकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

