पंजाबी इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर केस में सहेली नेहा से पूछताछ: मरने से पहले मनजीत ने वीडियो में लिया था नाम

पंजाबी इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर केस में सहेली नेहा से पूछताछ
Manjeet Kaur Murder Case: पंजाब-चंडीगढ़ से जुड़े पंजाबी इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की मौत के मामले में जांच आगे बढ़ रही है। थाना-34 पुलिस ने रविवार को मनजीत की सहेली नेहा को पूछताछ के लिए बुलाया और करीब 2 घंटे तक उससे सवाल किए। पुलिस ने उससे मनजीत से रिश्ते और 3 जुलाई की उस रात के बारे में जानकारी ली, जब मनजीत को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 से अगवा किए जाने का आरोप है। नेहा ने पुलिस को बताया कि वह मनजीत की दोस्त थी और जिस दिन मनजीत को चंडीगढ़ से ले जाकर जलाया गया, उस दिन वह उसके साथ नहीं थी। हालांकि पुलिस को नेहा पर शक है। अब पुलिस 3 जुलाई की उसकी मोबाइल लोकेशन निकलवाएगी, जिससे पता चलेगा कि मनजीत के अपहरण वाले दिन नेहा सेक्टर-34 में मौजूद थी या नहीं।
वीडियो में मनजीत ने नेहा और शुभी का नाम लिया था
मौत से पहले सामने आए वीडियो में मनजीत कौर ने खुद को करीब डेढ़ महीने से अस्पताल में भर्ती बताया था। उन्होंने वीडियो में नेहा, शुभी और दो युवकों पर उन्हें ले जाकर आग लगाने का आरोप लगाया था। मनजीत ने वीडियो में कहा था कि शुभी, नेहा और दो लड़कों ने उन्हें मोरिंडा ले जाकर आग लगाई। पुलिस अब इस वीडियो में लगाए गए आरोपों और जांच के दौरान सामने आ रहे तकनीकी सबूतों को आपस में मिलाकर देख रही है।
3 जुलाई की रात क्या हुआ था?
परिवार के मुताबिक, 3 जुलाई की रात मनजीत को उसके परिचितों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में बुलाया था। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटीं। बाद में परिवार को पता चला कि मनजीत गंभीर रूप से झुलसी हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। मनजीत की मां कांता देवी ने आरोप लगाया था कि बेटी को सेक्टर-34 से कार में ले जाया गया। इसके बाद उसे मोरिंडा के पास सुनसान जगह पर ले जाकर मारपीट की गई और पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। मां के मुताबिक, मनजीत की एक दोस्त वहां पहुंची, उसने आग बुझाई और गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया। बाद में मनजीत को इलाज के लिए PGI चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया। 26 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
5 अगस्त को होश में आने का दावा, बयान दर्ज न करने का आरोप
परिवार के अनुसार, इलाज के दौरान 5 अगस्त को मनजीत ने होश में आना शुरू किया था। उनकी मां कांता देवी का कहना था कि बेटी घटना के बारे में बताना और बयान देना चाहती थी। कांता देवी के मुताबिक, उन्होंने खरड़ पुलिस को इसकी जानकारी भी दी थी। उनका आरोप था कि मनजीत के होश में आने के बावजूद उनका बयान दर्ज नहीं किया गया। मनजीत की मौत के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
10 सितंबर को पिंदा गिरफ्तार, पूछताछ में सामने आया नया एंगल
इस मामले में 10 सितंबर को पुलिस ने पहली बड़ी गिरफ्तारी की। कपूरथला निवासी परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा को सेक्टर-48 की मोटर मार्केट से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, पिंदा मुख्य आरोपी रिंकू का सहयोगी है। अदालत में पेश करने के बाद पिंदा को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस ने 3 और 4 जुलाई की रात की घटनाओं, मनजीत के साथ उसकी गतिविधियों और रिंकू से संपर्क को लेकर पूछताछ की।
पुलिस पूछताछ में पिंदा ने कथित तौर पर बताया कि घटना से पहले रिंकू और मनजीत के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद दोनों सेक्टर-34 पहुंचे, जहां विवाद बढ़ गया और हाथापाई हुई। पिंदा के कथित बयान के मुताबिक, मनजीत को कार में बैठाकर सेक्टर-34 के एक पार्क के पीछे ले जाया गया। वहां उसके साथ मारपीट की गई और इसके बाद उसे जलाया गया।
मोरिंडा से अब सेक्टर-34 तक जांच का फोकस
जांच की शुरुआत में पुलिस के सामने यह बात आई थी कि मनजीत को सेक्टर-34 से अगवा करके मोरिंडा ले जाया गया, जहां उसे पेड़ से बांधकर तेल डालकर जलाने का आरोप था। अब पिंदा से पूछताछ के बाद पुलिस इस घटनाक्रम की दोबारा जांच कर रही है। नए एंगल में सेक्टर-34 को वारदात की अहम जगह माना जा रहा है। इसके साथ ही मनजीत को इलाज के लिए पंजाब के एक निजी अस्पताल ले जाने और गंभीर हालत में PGI चंडीगढ़ पहुंचाने की कड़ी की भी जांच की जा रही है।
कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन से आरोपों की जांच
मनजीत की मां ने शुरुआत से ही रिंकू और परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा पर शक जताया था। इसके बाद पुलिस ने 3 जुलाई की रात से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, तकनीकी सबूतों से पिंदा की मौजूदगी को लेकर सुराग मिले थे। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में इलाज के दौरान शक के दायरे में आए लोग मनजीत के आसपास आते-जाते रहे थे।
अब पिंदा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फरार रिंकू और शुभी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। सेक्टर-34 थाना प्रभारी शादीलाल के मुताबिक, पिंदा से पूछताछ के आधार पर दोनों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आरोपियों के बयानों को कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन, CCTV और दूसरे तकनीकी सबूतों से मिला रही है। इससे 3 जुलाई की रात घटनाओं का क्रम स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।
फॉर्च्यूनर के बाद अब सफेद स्विफ्ट की तलाश
जांच में इस्तेमाल हुई गाड़ी भी अहम कड़ी बन गई है। पुलिस अब सफेद रंग की स्विफ्ट कार की तलाश कर रही है और उसके मूवमेंट की जांच कर रही है। शुरुआत में जिस फॉर्च्यूनर को लेकर संदेह जताया गया था, मौजूदा जांच में पुलिस उसे घटना में इस्तेमाल गाड़ी नहीं मान रही है। इसलिए पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 3 जुलाई की रात मनजीत को किस वाहन में ले जाया गया था और उस वाहन की उस रात की लोकेशन क्या थी।
कौन थीं मनजीत कौर?
मनजीत कौर 28 साल की पंजाबी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट थीं। वह मेकअप, लाइफस्टाइल, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और पंजाबी-हरियाणवी गानों पर वीडियो और रील्स बनाती थीं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर म्यूजिक और प्रमोशनल पोस्ट भी मौजूद थे। इंस्टाग्राम पर मनजीत के करीब 1.46 लाख फॉलोअर्स थे, जबकि यूट्यूब पर करीब 4 हजार सब्सक्राइबर बताए गए हैं। वह नियमित रूप से रील्स और वीडियो पोस्ट करती थीं और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के प्रमोशन से जुड़े कंटेंट भी बनाती थीं। पुलिस से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, मनजीत मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली थीं और बाद में खरड़ में किराए के मकान में रह रही थीं। अब उनकी मौत के मामले में पुलिस नेहा की भूमिका, 3 जुलाई की मोबाइल लोकेशन और आरोपियों से जुड़े तकनीकी सबूतों की जांच कर रही है।
