Rohtak Crime: रोहतक में फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के 9 शातिर गिरफ्तार

रोहतक में फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के 9 शातिर गिरफ्तार
Rohtak Crime: साइबर अपराधियों के बढ़ते जाल पर शिकंजा कसते हुए रोहतक पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को बेनकाब किया है। यह गिरोह बकायदा फर्जी वेबसाइट्स तैयार कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट और फर्जी केस का डर दिखाता था। गिरोह के सदस्य कभी पुलिस अफसर तो कभी अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी बनकर लोगों को अपने झांसे में लेते थे।
रोहतक पुलिस की विशेष टीम ने गाजियाबाद, कानपुर, ग्रेटर नोएडा और फारुखनगर समेत कई इलाकों में एक साथ छापेमारी कर गिरोह के नौ शातिर सदस्यों को दबोच लिया है।
एक ही पीड़ित को दो बार बनाया शिकार, ठगे 4.80 लाख रुपये
इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित साइबर ठगी की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचा। पीड़ित के मुताबिक, शुरुआत में ठगों ने उससे करीब 2.60 लाख रुपये हड़प लिए थे।
इसके बाद आरोपियों ने एक फर्जी वेबसाइट का सहारा लिया और पीड़ित को झांसा दिया कि वे मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी बोल रहे हैं और उसका पैसा वापस करवाने में मदद करेंगे। मदद के नाम पर आरोपियों ने पीड़ित से 2.20 लाख रुपये और ऐंठ लिए। यानी एक ही शख्स को दो बार में कुल 4.80 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया।
7 टीमों की छापेमारी, ग्रेटर नोएडा से लेकर कानपुर तक बिछाया जाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस इंस्पेक्टर बाबूराम के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों के नेटवर्क को ट्रैक किया और कुल सात अलग-अलग टीमों को मैदान में उतारा। इन टीमों ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न शहरों—कानपुर, कन्नौज, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और हरियाणा के फारुखनगर में ताबड़तोड़ छापेमारी कर नौ आरोपियों को धर दबोचा।
फर्जी सिम और एटीएम का जखीरा बरामद
पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त किए हैं। बरामदगी के ब्योरे पर नजर डालें तो आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई हथियारनुमा औजार मिले हैं:
स्मार्टफोन व मोबाइल: 13 से अधिक स्मार्टफोन और 10 से ज्यादा कीपैड फोन
फर्जी सिम कार्ड: 21 से अधिक एक्टिवेटेड फर्जी सिम
एटीएम व बैंक कार्ड: 10 से अधिक विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड
फर्जी वेबसाइट्स: जांच के दौरान ठगी में इस्तेमाल की जा रही 10 से ज्यादा एक्टिव फर्जी वेबसाइट्स
एसपी ने दी चेतावनी: किसी ‘डिजिटल अरेस्ट’ या ‘अधिकारी’ के झांसे में न आएं
मामले का खुलासा करते हुए रोहतक के पुलिस अधीक्षक (SP) गौरव राजपुरोहित ने बताया कि सभी नौ आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में इस गिरोह के तार देश के कई अन्य राज्यों में हुई साइबर ठगी की वारदातों से जुड़ते दिख रहे हैं।
एसपी ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई भी व्यक्ति फोन पर खुद को पुलिस, सीबीआई, कस्टम या बैंक का अधिकारी बताकर डराता है या पैसों की मांग करता है, तो घबराएं नहीं। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहती। ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
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