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Sirsa News: देसूजोधा गांव में गंदे पानी से फैला पीलिया, 26 से अधिक लोग बीमार; बठिंडा में चल रहा इलाज

Sirsa News: देसूजोधा गांव में गंदे पानी से फैला पीलिया, 26 से अधिक लोग बीमार; बठिंडा में चल रहा इलाज

स्कूल में बिना फिल्टर के पानी पी रहे थे बच्चे, गांव में फैला लीवर इंफेक्शन

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GGaganpreet Kaur

Sirsa News: सिरसा जिले के डबवाली उपमंडल के तहत आने वाले देसूजोधा गांव में पीने के पानी की बदहाल सप्लाई अब ग्रामीणों की जान पर बन आई है। पिछले महज एक सप्ताह के भीतर गांव के 26 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हो चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मासूम बच्चे, महिलाएं और युवा शामिल हैं। मरीजों में पीलिया (जॉन्डिस) और घातक लीवर संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। बिगड़ती हालत के चलते कई मरीजों को डबवाली के सिविल अस्पताल, निजी क्लीनिकों और पड़ोसी पंजाब के बठिंडा स्थित अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

मंगलवार को उस समय ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा जब वे गांव के सरकारी स्कूल पहुंचे। वहां पानी के वॉटर कूलर और आरओ सिस्टम की जांच करने पर पता चला कि आरओ में फिल्टर लगा ही नहीं था। बच्चे लंबे समय से सीधे टंकी का बदबूदार और दूषित पानी पीने को मजबूर थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने वॉटर कूलर से निकली दूषित पानी की बोतलें दिखाकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।

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नालियों का कचरा और लीक पाइपलाइन बनी आफत, लैब रिपोर्ट में डरावना खुलासा

देसूजोधा के निवासियों का कहना है कि पूरे गांव की नालियां कचरे और गंदगी से अटी पड़ी हैं। पीने के पानी की मुख्य पाइपलाइन कई जगह से क्षतिग्रस्त और लीक है, जिससे नलों से बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा है। निजी पैथोलॉजी लैब की जांच रिपोर्टों ने इस खतरे की पुष्टि कर दी है; कई मरीजों के रक्त में बिलीरुबिन के साथ-साथ SGOT और SGPT का स्तर सामान्य सीमा से कई गुना ज्यादा पाया गया है, जो सीधे तौर पर लीवर में गंभीर संक्रमण और पीलिया की ओर इशारा करता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पब्लिक हेल्थ विभाग की नींद खुली है। विभाग के कर्मचारी गांव पहुंचे हैं और लीकेज वाली पाइपलाइनों तथा खुली टोंटियों की मरम्मत का काम शुरू किया गया है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह ढप्प है और यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो मरीजों का आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है।

पंचायत चला रही जागरूकता अभियान, SMO बोले—’41 सैंपल भेजे गए लैब’

गांव के सरपंच चरणजीत सिंह ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए बताया कि पिछले कुछ दिनों से पेयजल सप्लाई दूषित आ रही थी, जिसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पब्लिक हेल्थ) को दी गई। सरपंच के मुताबिक, पंचायत की ओर से स्कूलों में जाकर बच्चों और अध्यापकों को जागरूक किया जा रहा है कि वे नल का पानी सीधे पीने से बचें। साथ ही गांव के वॉटर कूलरों की भी जांच कराई जा रही है।

वहीं, ओढ़ां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ डॉ. सुमित जैन ने बताया कि देसूजोधा में पीलिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में घर-घर जाकर सर्वे किया है। टीम ने अब तक 41 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल जुटाए हैं, जिन्हें हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और अन्य संक्रमणों की जांच के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह साफ होगी। एसएमओ ने यह भी स्पष्ट किया कि गांव में ऐसा कोई सामाजिक या धार्मिक आयोजन नहीं हुआ था, जहां सामूहिक भोज से यह फैला हो; लिहाजा शुरुआती जांच का मुख्य संदेह दूषित पेयजल सप्लाई पर ही टिका हुआ है।

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