Sonipat News: सोनीपत के कच्चे क्वार्टर में लगी भीषण आग, चपेट में आईं 5 दुकानें

सोनीपत के कच्चे क्वार्टर में लगी भीषण आग, चपेट में आईं 5 दुकानें
Sonipat News: सोनीपत शहर के बेहद व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र ‘कच्चे क्वार्टर’ में रविवार तड़के उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बंद दुकान से अचानक धुएं के साथ ऊंची-ऊंची आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि आसपास की चार अन्य दुकानों को भी अपनी आगोश में ले लिया। गनीमत यह रही कि हादसा सुबह के वक्त हुआ जब बाजार में लोगों की आवाजाही न के बराबर थी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
जिस दुकान में सबसे पहले आग भड़की, उसमें सर्दियों के कंबल रखे हुए थे। कपड़ों और कंबलों के ज्वलनशील होने के कारण आग हवा के साथ तेजी से आसपास की दुकानों में फैलने लगी। हालांकि, पास की अन्य चार दुकानें उस वक्त खाली बताई जा रही हैं, जिससे नुकसान का दायरा एक हद तक सीमित रहा।
दमकल की 5 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा, कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
स्थानीय निवासियों ने जैसे ही दुकान से धुएं का गुबार उठते देखा, तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी। मामले की नजाकत को देखते हुए फायर स्टेशन से एक-एक कर दमकल की 5 गाड़ियां मौके के लिए रवाना की गईं। तंग गलियों और आग की तेज लपटों के बीच दमकलकर्मियों ने मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद आग को और आगे बढ़ने से रोकते हुए उस पर पूरी तरह काबू पा लिया।
हादसे की खबर मिलते ही सोनीपत के मेयर राजीव जैन भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित दुकानदारों से बातचीत कर ढांढस बंधाया और प्रशासनिक अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने के साथ ही हर संभव सहायता के निर्देश दिए।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, नुकसान के आकलन में जुटी पुलिस
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए सब फायर ऑफिसर विनोद कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम को कच्चे क्वार्टर में दुकान में आग लगने की सूचना मिली थी। टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर फायर टेंडर्स की मदद से पानी की बौछारें शुरू कीं और समय रहते आग को आसपास के पूरे रिहायशी और कमर्शियल इलाके में फैलने से रोक लिया।
शुरुआती जांच और पड़ताल में आग लगने का प्राथमिक कारण दुकान के बिजली बोर्ड में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस की टीमें आग लगने के सटीक कारणों की गहराई से जांच कर रही हैं। अग्निकांड में कितना आर्थिक नुकसान हुआ है, इसका सही आंकड़ा दुकान मालिक के ब्योरे और फॉरेंसिक जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
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