Sonipat News: 16 गोलियां मारकर प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद की हत्या, एनकाउंटर की मांग को लेकर कुंडली-सिंघु रोड जाम

16 गोलियां मारकर प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद की हत्या, एनकाउंटर की मांग को लेकर कुंडली-सिंघु रोड जाम
Sonipat News: दिल्ली से सटे नरेला में सोनीपत के नाहरी गांव निवासी 40 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद की बर्बर हत्या के बाद इलाके में तनाव गहरा गया है। गुरुवार सुबह जिम के बाहर दो शूटरों द्वारा गोलियां बरसाकर की गई इस हत्या से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार दोपहर कुंडली-सिंघु मार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और ग्रामीण मुख्य सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन के दौरान मृतक की मां और परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि एक महिला बदहवास होकर सड़क पर ही बेहोश हो गई। परिजनों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक हत्यारों का पुलिस एनकाउंटर नहीं करती, वे प्रमोद के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
“योगी सरकार ही दिला सकती है न्याय”— परिजनों ने पुलिस सुरक्षा में लापरवाही पर उठाए सवाल
मृतक प्रमोद के बड़े भाई विनोद ने आंखों में आंसू लिए बेहद तल्ख लहजे में कहा कि आज देश में केवल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही किसी गरीब के बच्चे को न्याय दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि नाहरी गांव के इस परिवार का चिराग बुझा दिया गया है और अब उन्हें केवल इंसाफ चाहिए। परिजनों ने रोते हुए कहा कि जब तक आरोपियों का एनकाउंटर नहीं होता, वे अपना धरना खत्म नहीं करेंगे।
परिजनों का आरोप है कि प्रमोद को पिछले तीन सालों से एक नामी गैंगस्टर से रंगदारी के लिए लगातार धमकियां मिल रही थीं। इस संबंध में कुंडली थाना पुलिस को बाकायदा लिखित शिकायत भी सौंपी गई थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने मामले को ठंडे बस्ते में डाले रखा और प्रमोद को किसी प्रकार की सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। धमकियों के डर से ही प्रमोद ने अपनी दो गाड़ियों (डिफेंडर और एंडेवर) को खास तौर पर बुलेटप्रूफ बनवाया हुआ था।
फोन देखा और हो गया काल का ग्रास: दोनों हाथों से गोलियां बरसाते रहे शूटर
दर्दनाक हादसे वाले दिन की क्रोनोलॉजी बताते हुए चश्मदीदों ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 6:38 बजे प्रमोद अपने पार्टनर पवन के साथ अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर घर से निकले थे। नाहरी से महज 3 किलोमीटर दूर बाकनेर स्थित जिम पर वे सुबह ठीक 7 बजे पहुंचे। अमूमन अपनी लाइसेंसी पिस्टल साथ रखने वाले प्रमोद ने जिम जाने के कारण हथियार गाड़ी में ही छोड़ दिया था।
जैसे ही वे जिम के गेट की तरफ बढ़े, प्रमोद के मोबाइल पर कोई मैसेज या कॉल आया। वे जेब से फोन निकालने के लिए रुक गए, जबकि उनका पार्टनर पवन दो-तीन कदम आगे निकल गया। इसी का फायदा उठाकर पहले से घात लगाकर बैठे दो नकाबपोश शूटरों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने अपने दोनों हाथों में पिस्टल थाम रखी थी और अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। प्रमोद पर कुल 16 गोलियां दागी गईं, जिससे उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
कंडक्टर से सफल बिजनेसमैन तक: संघर्षों से भरा रहा प्रमोद का सफर
नाहरी गांव के एक साधारण परिवार में जन्मे प्रमोद का जीवन संघर्षों से भरा रहा। उनकी 75 वर्षीय मां साबो देवी ने सिसकते हुए बताया कि जब प्रमोद नौवीं कक्षा में पढ़ता था, तभी उसके पिता (जो डिफेंस में थे) का देहांत हो गया था। परिवार को संभालने के लिए 12वीं पास करते ही प्रमोद ने प्राइवेट बस में कंडेक्टरी शुरू की। अपनी मेहनत के बल पर उसने बाद में बस किराए पर ली और दिल्ली-हरियाणा रूट पर चलवाई। कुछ समय के लिए उसने डिफेंस में कांट्रैक्ट बेस पर ड्राइविंग भी की।
करीब 15 साल पहले प्रमोद ने ट्रांसपोर्ट का काम छोड़कर प्रॉपर्टी डीलिंग में कदम रखा। अपनी सूझबूझ और ईमानदारी के दम पर उसने जल्द ही इस कारोबार में बड़ा नाम कमाया। गांव में एक सुंदर मकान, आधुनिक ऑफिस और ‘मुकुल’ नाम से भव्य मैरिज हॉल बनाया। चार भाइयों में तीसरे नंबर के प्रमोद शादीशुदा थे और अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। अब पूरा गांव इस जांबाज बेटे की नृशंस हत्या के खिलाफ एकजुट होकर न्याय की हुंकार भर रहा है।
यह भी पढ़ें– Haryana Farmers News: गुरुग्राम में मनोहर लाल और किसान नेताओं के बीच 4 घंटे चली मैराथन बैठक, इन मुद्दों पर बनी बात
