Tarun Chugh | Gulzar Singh : पंजाब के तूरबंजारा गांव में इन दिनों मातम के साथ-साथ राजनीतिक सरगर्मी भी चरम पर है। बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद तरुण चुघ सीधे गांव पहुंचे, जहां उन्होंने हाल ही में दम तोड़ने वाले गुलजार सिंह के शोकाकुल परिवार से मुलाकात की।
परिजनों के आंसू पोछते हुए चुघ ने राज्य की भगवंत मान सरकार को आड़े हाथों लिया और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। पीड़ित परिवार के दुख में शामिल होने के दौरान स्थानीय भाजपा नेता दामन बाजवा, हरमन बाजवा और सरजीवन जिंदल भी उनके साथ मौजूद रहे।
इतिहास के क्रूर शासकों से की तुलना
परिवार को ढांढस बंधाते हुए भाजपा नेता तरुण चुघ का गुस्सा सरकार के खिलाफ फूट पड़ा। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि पंजाब में इस वक्त जुल्म ढहाने की सभी हदें पार हो चुकी हैं। हालात इतने बदतर हो चले हैं कि उन्होंने इसकी तुलना करते हुए यहां तक कह दिया कि मौजूदा शासनकाल में जितने अत्याचार हो रहे हैं, उतने तो इतिहास में कभी बाबर और नादिरशाह ने भी नहीं किए थे।
चुघ ने आरोप लगाया कि सरकार का एंटी-ड्रग कैंपेन केवल एक दिखावा और राजनीतिक ड्रामा बनकर रह गया है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि राज्य में नशा कई गुना बढ़ चुका है। उनके मुताबिक, आज के पंजाब में माफिया और गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाना जैसे कोई बड़ा अपराध बन गया है।
‘यह आत्महत्या नहीं, सीधा मर्डर है’
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए तरुण चुघ ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया।त उन्होंने दो टूक कहा कि इसे सुसाइड यानी आत्महत्या का मामला बिल्कुल न समझा जाए, क्योंकि यह सीधे तौर पर हत्या है। उन्होंने मांग की कि मृतक गुलजार सिंह द्वारा मरने से पहले दिए गए ब बयानों को आधार बनाकर तुरंत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।
चुघ का दावा है कि मृतक ने अपने बयान में एक कैबिनेट मंत्री का साफ तौर पर जिक्र किया है, जिसके चलते परिवार भी उसी आधार पर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहा है। अंत में उन्होंने पीड़ित परिवार की पत्नी, भाई और बेटों को ढांढस बंधाते हुए कानूनी लड़ाई में हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।
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