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यमकेश्वर में मुख्यमंत्री धामी: बोले— चारधाम यात्रा अब पहले से अधिक सुरक्षित, धार्मिक पर्यटन से आर्थिकी को मिलेगा बूस्ट

Apr 20, 2026 3:10 PM

उत्तराखंड। यमकेश्वर स्थित वानप्रस्थ आश्रम की फिजां इन दिनों श्रीमद्भागवत के मंत्रोच्चार से गुंजायमान है। इसी आध्यात्मिक संगम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहुंचकर व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भागवत कथा की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि यह ग्रंथ केवल एक कथा नहीं, बल्कि साक्षात श्रीकृष्ण का स्वरूप है, जो भटकते हुए मनुष्य को धर्म, ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर लाकर जीवन को सार्थक बनाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और इसकी सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक पटल पर मजबूती देना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सांस्कृतिक गौरव का पुनरुद्धार: कॉरिडोर और घाटों से सजेगी देवभूमि

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों का लेखा-जोखा साझा करते हुए बताया कि सरकार केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहरों को भी सहेज रही है। उन्होंने कालसी-हरीपुर क्षेत्र में यमुना नदी के तट पर भव्य घाटों के निर्माण, शारदा कॉरिडोर और हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का उल्लेख किया। धामी ने कहा कि दून विश्वविद्यालय में 'सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज' की स्थापना इसी कड़ी का एक हिस्सा है, ताकि भावी पीढ़ी अपनी जड़ों और सनातन मूल्यों से जुड़ी रहे। इन कार्यों से न केवल आस्था को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय आर्थिकी भी सशक्त होगी।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सुगम हुई चारधाम यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके सहयोग से आज चारधाम यात्रा के मार्ग चौड़े और सुरक्षित हो चुके हैं। अब श्रद्धालुओं को पहले की तरह कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता। इस दौरान स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और यमकेश्वर क्षेत्र में हो रहे चहुंमुखी विकास के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया।

संतों का संदेश: समाज को जोड़ने का माध्यम है कथा

व्यास पीठ से कथा का वाचन कर रहे पूज्य गोविंद देव गिरी जी महाराज ने भागवत के आध्यात्मिक और नैतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को सत्कर्म की प्रेरणा दी। वहीं, परमार्थ आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि ऐसी कथाएं समाज में नैतिक मूल्यों और मानवता के उच्च आदर्शों को स्थापित करने का सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम में भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री के विचारों का स्वागत किया और भक्ति रस में सराबोर नजर आए।

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