August 8, 2026

Yamunanagar News: मई में मानी 17 मांगें, पर नहीं जारी हुए पत्र, यमुनानगर में नगर पालिका कर्मचारी संघ का फूटा गुस्सा

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Yamunanagar News: मई में मानी 17 मांगें, पर नहीं जारी हुए पत्र: यमुनानगर में नगर पालिका कर्मचारी संघ का फूटा गुस्सा

मई में मानी 17 मांगें, पर नहीं जारी हुए पत्र: यमुनानगर में नगर पालिका कर्मचारी संघ का फूटा गुस्सा

Yamunanagar News: हरियाणा के यमुनानगर में नगर पालिका कर्मचारी संघ की प्रदेश इकाई के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल शुक्रवार (8 अगस्त 2026) को तीसरे दिन में प्रवेश कर गई। उप प्रधान सनी बिड़लन की अध्यक्षता और कैशियर संजय गहलोत के मंच संचालन में हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि मई में 13 दिनों की हड़ताल के बाद सरकार ने जिन मांगों को मानकर 30 जून तक पत्र जारी करने की समयसीमा तय की थी, उन पर अब तक कोई अमल नहीं किया गया है।

मई में मान ली थीं 17 मांगें, लेकिन अब तक नहीं मिले पक्के होने के पत्र

प्रदर्शन में पहुंचे संघ के राज्य महासचिव मांगे राम तिगरा ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि मई के महीने में कर्मचारियों ने लगातार 13 दिनों तक हड़ताल की थी। उस समय सरकार ने 22 सूत्रीय मांग पत्र में से 17 प्रमुख मांगों पर मुहर लगाई थी और 30 जून तक आधिकारिक पत्र जारी करने का भरोसा दिया था। इसके बाद 29 जुलाई और 5 अगस्त को भी सरकार के साथ डेपुटेशन की दो दौर की बातचीत हुई, लेकिन हर बार टालमटोल की नीति अपनाई गई। आज तक न तो कोई नोटिफिकेशन जारी हुआ और न ही एक भी कर्मचारी को पक्का किया गया।

सड़कों पर पसरी गंदगी, संघ ने कहा— जनता की परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदार

सफाई कर्मियों के काम ठप्प करने से यमुनानगर शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। मुख्य बाजारों, आवासीय कॉलोनियों और चौराहों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा होने लगे हैं, जिससे आम जनता को भारी दुर्गंध और गंदगी से दो-चार होना पड़ रहा है। कर्मचारी नेताओं ने साफ कहा है कि इस व्यवस्था के बिगड़ने और जनता को हो रही असुविधा की पूरी जवाबदेही हरियाणा सरकार की है। जब तक सरकार लिखित पत्र जारी कर अपनी सहमति पर अमल नहीं करती, यह हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी।

क्या हैं सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांगें?

हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मुख्य मांगों में पे-रोल पर कार्यरत सभी सफाई कर्मचारियों को तुरंत पक्का करना, ठेकेदारी प्रथा को पूरी तरह खत्म कर सभी को महकमे के रोल पर लेना, पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करना, सफाई कर्मियों को 2000 रुपये जोखिम भत्ता देना और एक्स ग्रेशिया नीति की शर्तों में ढील देकर कर्मचारियों को राहत पहुंचाना शामिल है।

विरोध प्रदर्शन में एकजुट हुआ पूरा संघ

यमुनानगर इकाई के इस उग्र प्रदर्शन में जिला प्रधान प्रवेश प्रॉचा, मुख्य सलाहकार राजकुमार ससोली, इकाई प्रधान पपला, सचिव सुभाष, कार्यालय सचिव सोरेन, उप प्रधान रमन, सह-सचिव संजीत तिगरा, मुख्य संगठनकर्ता अमित, संगठनकर्ता सुरेश शादीपुर, संगठन सचिव श्यामलाल जठलान, उप प्रधान जनक राज, कार्यकारिणी सदस्य संजय डुलगच, कन्हैया, जीतो और पारुल समेत बड़ी संख्या में नगर पालिका कर्मचारी मौजूद रहे।

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