Haryana Weather: अंबाला समेत 3 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट, जानिए कब से दोबारा सक्रिय होगा मानसून
अंबाला समेत 3 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट
Haryana Weather: हरियाणा में मानसून की रफ्तार जुलाई के महीने में काफी सुस्त नजर आई। खेती-किसानी के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस महीने में बादलों ने सूबे को जमकर नहीं भिगोया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में पूरे प्रदेश के भीतर औसतन 109.3 मिमी बारिश ही दर्ज की गई, जबकि आमतौर पर इस दौरान 149.1 मिमी वर्षा होती है। यानी करीब 40 मिमी का सीधा नुकसान रहा और पूरे हरियाणा को 27 प्रतिशत रेन डेफिसिट का सामना करना पड़ा।
15 जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा, कपास और बाजरा बेल्ट पर संकट
सूबे के 22 जिलों में से 15 जिलों की झोली खाली ही रह गई। सबसे बुरा असर पश्चिमी और मध्य हरियाणा पर पड़ा है। सिरसा में सामान्य से 74 फीसदी, तो जींद और रोहतक में 66 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई। हिसार और कैथल में भी बारिश का आंकड़ा 43 से 45 प्रतिशत तक लुढ़का है। सिरसा, हिसार, फतेहाबाद और जींद का यह पूरा इलाका कपास और बाजरे का प्रमुख बेल्ट माना जाता है। ऐसे में समय पर पानी न मिलने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं और अब सिंचाई के लिए ट्यूबवेल व नहरों पर निर्भरता बढ़ जाएगी।
कहीं सूखा तो कहीं राहत, जानिए अपने इलाके का हाल
अगर क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य हरियाणा (रोहतक, जींद, कैथल, सोनीपत) प्रदेश का सबसे बड़ा ‘रेन डेफिसिट जोन’ बनकर उभरा है। उत्तर हरियाणा के अंबाला और पंचकूला में भी सामान्य से आधी बारिश ही हुई, हालांकि कुरुक्षेत्र ने 20% ज्यादा पानी हासिल कर थोड़ी राहत पाई। दक्षिण हरियाणा में रेवाड़ी, नूंह और महेंद्रगढ़ में स्थिति बहुत ज्यादा खराब नहीं रही, वहीं पलवल में सामान्य से 30% अधिक मेघ बरसे। ऐतिहासिक आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2003 में जुलाई के महीने 306.4 मिमी रिकॉर्ड बारिश हुई थी, जबकि 2004 का जुलाई महीना महज 21 मिमी बारिश के साथ 26 सालों में सबसे सूखा रहा था।
3 जिलों में आज भारी बारिश का यलो अलर्ट, उमस से छूटे पसीने
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 1 अगस्त के लिए पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर सिरसा और हिसार जैसे सूखे जिलों में फिलहाल हल्की छिटपुट बौछारों के ही आसार हैं। बारिश थमने से पारे में ज्यादा उछाल तो नहीं आया लेकिन उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। बीते दिन 36.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सिरसा सबसे गर्म रहा, जबकि नारनौल में रात का पारा 26.0 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि 3 और 4 अगस्त से मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेजी पकड़ेंगी।
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