Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में 50 साल पुराने मकान का लेंटर गिरा, होमवर्क कर रहे दो मासूम भाई मलबे में दबे
पढ़ाई कर रहे थे जुड़वां भाई और ऊपर से गिर गई छत
Kurukshetra News: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के व्यस्त इलाका छोटा बाजार में शुक्रवार शाम एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। लगभग 50 साल पुराने एक दोमंजिला मकान के चौबारे का लेंटर अचानक से भरभराकर नीचे आ गिरा। उस वक्त कमरे के भीतर 10-10 साल के दो जुड़वां सगे भाई ध्रुव और यशवनी बेड पर बैठकर अपने स्कूल का होमवर्क निपटा रहे थे। पलक झपकते ही दोनों बच्चे ईंट-पत्थर और सीमेंट के भारी-भरकम मलबे के नीचे दब गए।
चीख-पुकार सुनकर पहुंचे पड़ोसी, मलबे से खींचकर निकाली जानें
धमाके के साथ छत गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और अंदर से बच्चों की चीखने की आवाजें आने लगीं। आसपास के स्थानीय लोग बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंचे और हाथों-हाथ मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला। हादसे के समय बच्चों के माता-पिता काम पर गए हुए थे। पिता रमेश दिहाड़ी मजदूरी करते हैं जबकि मां पूजा एक सीए के दफ्तर में हेल्पर हैं। सूचना मिलते ही बदहवास परिजन सीधे अस्पताल पहुंचे।
टांग की हड्डी टूटी, पसलियों में आई गंभीर चोट; PGI चंडीगढ़ रेफर
मलबे में दबने से ध्रुव की बाईं टांग की हड्डी कई जगह से फ्रैक्चर हो गई, जबकि यशवनी की पसलियों में गहरी चोटें आई हैं। पड़ोसियों की मदद से दोनों को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल (LNJP) ले जाया गया, लेकिन हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देकर उन्हें हायर सेंटर पीजीआई चंडीगढ़ (PGI Chandigarh) के लिए रेफर कर दिया।
3 महीने पहले ही किराए पर आया था परिवार, मकान मालिक का दावा
मकान मालिकन सुनीता के मुताबिक, यह परिवार करीब तीन महीने पहले ही गांव जोगना खेड़ा से यहां किराए पर रहने आया था। मकान काफी पुराना था और उसकी छत पुरानी ईंटों की डाट पर टिकी हुई थी। सुनीता ने बताया कि उन्होंने जर्जर हालत को देखते हुए करीब दो महीने पहले ही किराएदारों को मकान खाली करने को कह दिया था, लेकिन दूसरा ठिकाना न मिलने की वजह से परिवार यहीं रुका हुआ था। फिलहाल हादसे के बाद कमरे में चारों तरफ सिर्फ बर्बादी का मलबा बिखरा पड़ा है।
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