Jasmin Lamboria Boxing: जैस्मिन लंबोरिया ने जीता गोल्ड मेडल, एक ही दिन में भारत की झोली में गिरे 2 गोल्ड
जैस्मिन लंबोरिया ने जीता गोल्ड मेडल, एक ही दिन में भारत की झोली में गिरे 2 गोल्ड
Jasmin Lamboria Boxing: स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में जारी राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का जलवा सिर चढ़कर बोल रहा है। शनिवार का दिन भारतीय बॉक्सिंग के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ, जब प्रीति पंवार और जैस्मिन लंबोरिया ने महज कुछ ही मिनटों के फासले पर देश को दो-दो गोल्ड मेडल दिला दिए। 54 किलोग्राम और 57 किलोग्राम वेट कैटेगरी में उतरीं दोनों भारतीय रिंग मास्टर्स ने अपने-अपने विरोधियों को 5-0 के एकतरफा अंतर से हराकर तिरंगा फहराया।
22 साल की प्रीति का धमाकेदार डेब्यू, एकतरफा अंदाज में जीता पहला राष्ट्रमंडल स्वर्ण
महिलाओं के 54 किग्रा भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में भिवानी की 22 वर्षीय एशियन चैंपियन प्रीति पंवार ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। कनाडाई प्रतिद्वंद्वी स्कारलेट सवाना डेलगाडो के खिलाफ उतरीं प्रीति ने तीनों राउंड में रिंग पर पूरी तरह अपना दबदबा बनाए रखा।
पहले राउंड में सभी पांचों जजों ने 10-9 का स्कोर देकर प्रीति के पक्ष में फैसला दिया। दूसरे राउंड में कनाडाई खिलाड़ी को मिली पेनल्टी का फायदा उठाते हुए प्रीति ने 20-18 की बढ़त बनाई और अंततः 5-0 के सर्वसम्मत फैसले (Unanimous Decision) के साथ अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
जैस्मिन लंबोरिया ने बदला मेडल का रंग, 57 किग्रा में उत्तरी आयरलैंड की मुक्केबाज को रौंदा
प्रीति की स्वर्णिम सफलता के तुरंत बाद 57 किग्रा भारवर्ग के फाइनल में उतरीं स्टार बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया ने भी रिंग में अपना पराक्रम दिखाया।
बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली जैस्मिन ने इस बार पदक का रंग बदलते हुए सीधे गोल्ड पर कब्जा जमाया। फाइनल बाउट में जैस्मिन ने उत्तरी आयरलैंड की अनुभवी मुक्केबाज माइकेला वॉल्श को संभलने तक का मौका नहीं दिया और 5-0 से मुकाबला जीतकर भारत को बॉक्सिंग में बैक-टू-बैक दूसरा गोल्ड दिलाया।
भारत का पदक तालिका में उछाल, बॉक्सिंग बनी मेडल की गारंटी
इन दो लगातार स्वर्णिम सफलताओं के बाद राष्ट्रमंडल खेलों के मौजूदा संस्करण में भारत के कुल गोल्ड मेडलों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। भारतीय मुक्केबाजी दल के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से पूरे खेल जगत में उत्साह की लहर है। विशेष रूप से हरियाणा के खेल प्रेमियों में जबरदस्त जश्न का माहौल है, क्योंकि दोनों ही चैंपियन मुक्केबाजों का ताल्लुक हरियाणा के मुक्केबाजी गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों से है।
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