Narnaul News: डॉ. अर्चना गुप्ता की नई टीम पर दिखा पूर्व सीएम मनोहर लाल का दबदबा, दक्षिण हरियाणा को मिली बड़ी तवज्जो
डॉ. अर्चना गुप्ता की नई टीम पर दिखा पूर्व सीएम मनोहर लाल का दबदबा, दक्षिण हरियाणा को मिली बड़ी तवज्जो
Narnaul News: (धर्म नारायण शर्मा) भारतीय जनता पार्टी हरियाणा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने अपनी बहुप्रतीक्षित 36 सदस्यीय प्रादेशिक कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। ऊपरी तौर पर देखने से यह टीम भले ही नए, युवा और समर्पित कार्यकर्ताओं का समायोजन लगती हो, लेकिन सियासत की बारिकियों को समझने वाले वरिष्ठ विश्लेषकों की मानें तो इस पूरी सूची पर पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
कहा जा रहा था कि केंद्रीय नेतृत्व ने डॉ. अर्चना गुप्ता को संगठन का नए सिरे से पुनर्गठन करने के लिए पूरी छूट (‘फ्री हैंड’) दी थी। हालांकि, घोषित नामों की सूची से साफ होता है कि वे पार्टी के स्थापित और कद्दावर क्षत्रपों के दबाव को पूरी तरह दरकिनार करने का साहस नहीं जुटा सकीं।
वरिष्ठता दरकिनार, भव्य बिश्नोई की एंट्री से साधे गए सियासी समीकरण
राजनीतिक परिपाटी के मुताबिक प्रादेशिक उपाध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर अमूमन उन तजुर्बेकार चेहरों को तरजीह दी जाती है, जिनकी समूचे प्रदेश में सांगठनिक पकड़ और जमीनी अनुभव रहा हो। लेकिन इस बार कम उम्र के युवा नेता भव्य बिश्नोई को उपाध्यक्ष की कुर्सी सौंपी गई है। सियासी गलियारों में इसे भव्य के पिता एवं वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई की संभावित नाराजगी को दूर करने तथा आदमपुर बेल्ट में सियासी पकड़ मजबूत रखने के रणनीतिक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
टीम के अन्य प्रमुख नामों पर गौर करें तो प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में शामिल रहे और पूर्व सीएम के बेहद करीबी माने जाने वाले दीपक मंगला को उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री के ओएसडी रह चुके भूपेश्वर दयाल को मीडिया की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के भाई अशोक गुर्जर को भी संगठन में अहम स्थान देकर संघ परिवार के साथ तालमेल बनाए रखने की कवायद की गई है। पूरी सूची में अनुसूचित वर्ग को जहां पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है, वहीं महिलाओं की भागीदारी भी लगभग 19 फीसदी रखी गई है।
दक्षिण हरियाणा का कद बढ़ा, लेकिन राव इंद्रजीत विरोधी धड़ा रहा हावी
इस सूची का सबसे दिलचस्प और रणनीतिक पहलू दक्षिण हरियाणा से जुड़ी नियुक्तियों में सामने आया है। कुल 36 प्रमुख पदों में से करीब 25 प्रतिशत पद अकेले दक्षिण हरियाणा के हिस्से में आए हैं। प्रदेश के तीन महामंत्रियों में से दो महामंत्री इसी अंचल से तय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त विधायक लक्ष्मण यादव को उपाध्यक्ष, गुड़गांव से हरविंदर को सचिव, फरीदाबाद से नरेंद्र गुप्ता को कोषाध्यक्ष और गुड़गांव के ही महेश चौहान को मोर्चा प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मनीष यादव और मुकेश गौड़ की मौजूदगी भी यह दर्शाती है कि दक्षिण हरियाणा को सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर साधने का भारी प्रयास किया गया है।
हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि अहीरवाल के सर्वमान्य नेता और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के विरोधी गुट को संगठन में अच्छा-खासा वजन मिला है। पटौदी से सत्य प्रकाश जरावता को नई टीम में शामिल करना इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, लक्ष्मण यादव भले ही पूर्व में राव इंद्रजीत गुट से जोड़कर देखे जाते रहे हों, लेकिन वे मूल रूप से भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष और सांगठनिक चेहरा रहे हैं।
अब देखना होगा कि प्रदेश कार्यकारिणी की इस पहली सूची के बाद जब विभिन्न प्रकोष्ठों के संयोजक, सह-संयोजक और मोर्चा की दूसरी सूची आएगी, तो पार्टी भीतर पनप रहे सियासी असंतुलन को किस तरह साध पाती है। फिलहाल, सभी खेमों की निगाहें आगामी दूसरी सूची पर टिकी हुई हैं।
