Chandigarh News: चंडीगढ़ को मिला पहला आयुष इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल, अब एक ही छत के नीचे आयुर्वेद, योग और आधुनिक चिकित्सा की सुविधा
चंडीगढ़ को मिला पहला आयुष इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल
Chandigarh News: शहर की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देते हुए पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को सेक्टर-34 स्थित आयुष इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल और सेक्टर-11 स्थित सरकारी आयुष डिस्पेंसरी का लोकार्पण किया। इस अस्पताल के शुरू होने से अब मरीजों को आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग और आधुनिक चिकित्सा की सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। 25 बेड के इस अस्पताल में मरीजों को एडमिट करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
उद्घाटन समारोह में यूटी प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, गृह एवं स्वास्थ्य सचिव मंदीप सिंह बराड़, आयुष निदेशक डॉ. अतुल एन. धाकने, जीएमसीएच-32 की डॉयरेक्टर-प्रिंसिपल डॉ. रवनीत कौर, जनसंपर्क निदेशक राजीव तिवारी, सेक्टर-34 की पार्षद प्रेम लता सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अस्पताल की अवधारणा, निर्माण और यहां उपलब्ध सुविधाओं पर आधारित एक लघु फिल्म के प्रदर्शन से हुई।
अपने संबोधन में प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां सदियों से समग्र स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देती रही हैं। आयुष और आधुनिक चिकित्सा का समन्वय भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का मजबूत मॉडल है, जो मरीजों को अधिक व्यापक, किफायती और रोगी-केंद्रित उपचार उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल केवल उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि लोगों में स्वस्थ जीवनशैली और रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी माध्यम बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संस्थान चंडीगढ़ के साथ-साथ आसपास के राज्यों के लोगों के लिए भी लाभकारी साबित होगा। कटारिया ने आयुष, स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों तथा परियोजना से जुड़े सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों की समयबद्ध ढंग से अस्पताल तैयार करने के लिए सराहना की।
गृह एवं स्वास्थ्य सचिव मंदीप सिंह बराड़ ने बताया कि अस्पताल में आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग और आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञों की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध रहेंगी। यहां 25 बिस्तरों की आईपीडी, 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं, सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक दो पालियों में ओपीडी, योग एवं वेलनेस सेंटर, आधुनिक पंचकर्म इकाई, फार्मेसी, जेरियाट्रिक केयर, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, परिवार कल्याण सेवाएं तथा गैर-संचारी रोगों की जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
अस्पताल में पंचकर्म थेरेपी के लिए अत्याधुनिक और अलग विंग स्थापित किया गया है, जहां यह सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क मिलेगी। पंचकर्म के माध्यम से सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस, कमर दर्द, साइटिका, जोड़ों एवं हड्डियों के दर्द, तनाव, पाचन संबंधी समस्याओं और त्वचा रोगों का उपचार किया जाएगा। महिला और पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग थेरेपी कक्ष बनाए गए हैं, जबकि यह सुविधा प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध रहेगी।
उद्घाटन के बाद गृह एवं स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद किया। उन्होंने मरीजों को संवेदनशील, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए अस्पताल को क्षेत्र में एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं का मॉडल संस्थान बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर आयोजित नि:शुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, स्वास्थ्य परीक्षण, योग परामर्श तथा नि:शुल्क दवाइयों का लाभ उठाया।
अस्पताल की प्रमुख सुविधाएं
- आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग और आधुनिक चिकित्सा की सेवाएं एक ही परिसर में
- 25 बिस्तरों की आईपीडी सुविधा
- 24×7 स्वास्थ्य सेवाएं
- सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक दो पालियों में ओपीडी
- योग एवं वेलनेस सेंटर
- वैज्ञानिक पंचकर्म इकाई
- जेरियाट्रिक, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं
- टीकाकरण, परिवार कल्याण और गैर-संचारी रोगों की जांच की सुविधा
