Lok Sabha adjourned: हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित, बिना चर्चा के न्यायाधिकरण सुधार विधेयक पारित

हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित
Lok Sabha adjourned: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी पर चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष के हंगामे के बीच ही सदन ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 को चर्चा के बिना पारित कर दिया। शोर-शराबे के बीच ही सदन में तीन अन्य विधेयक — खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026, और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए गए।
संसद के मानसून सत्र के चौथे सप्ताह की शुरुआत भी पिछले तीन सप्ताह की तरह हंगामेदार रही। अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी पर सदन में चर्चा और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्री शाह के जवाब की मांग को लेकर कांग्रेस, सपा समेत विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद जब अपराह्न दो बजे शुरू हुई तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह विस्तार से जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस और विपक्ष से अनुरोध है कि उन्हें गृह मंत्री के जवाब के समय डरना नहीं है, भागना नहीं है। उन्हें पूरा जवाब सुनना पड़ेगा।’’ इस दौरान विपक्ष के सदस्य सदन में नारेबाजी करते रहे। इसके बाद, हंगामे के बीच ही सदन ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 को चर्चा के बिना पारित कर दिया।
पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने आसन के समीप आकर प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों से कहा कि वे गृह मंत्री शाह के जवाब की मांग कर रहे थे और अब जब संसदीय कार्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि गृह मंत्री सदन में चर्चा का जवाब देने को तैयार हैं तो सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने बैठक को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही विपक्ष के सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा करने लगे। आसन पर आज आरएसपी नेता एन के प्रेमचंद्रन थे, जिन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराने का प्रयास किया। सामान्य तौर पर लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही के समय आसन पर अध्यक्ष ओम बिरला होते हैं। हंगामा जारी रहने पर, प्रेमचंद्रन ने बैठक शुरू होने के एक मिनट के अंदर ही दोपहर 12 बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही फिर से आरंभ होने पर विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच, विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 और कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किए। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 और सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए। हालांकि, उक्त दोनों विधेयक केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नाम से सूचीबद्ध थे। इस दौरान विपक्ष के सदस्य ‘‘गृह मंत्री कहां हैं’’ कहते सुने गए। हंगामा नहीं थमने पर पीठासीन सभापति संध्या राय ने दोपहर 12 बजकर 14 मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। मानसून सत्र की शुरुआत से ही लगातार 16वें दिन सोमवार को भी सदन में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके।
