Dungarpur Student Accident: राजस्थान में तीरंदाजी अभ्यास के दौरान 8वीं के छात्र के सीने में घुसा तीर, रात 2 बजे हुआ ऑपरेशन

तीरंदाजी अभ्यास के दौरान 8वीं के छात्र के सीने में घुसा तीर
Dungarpur Student Accident: राजस्थान के डूंगरपुर के जवाहर नवोदय विद्यालय ठाकरड़ा में मंगलवार शाम तीरंदाजी अभ्यास के दौरान 8वीं कक्षा का छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। तलैया, बिछीवाड़ा निवासी विकास ननोमा तीरंदाजी कोर्ट में अभ्यास कर रहे छात्रों के बीच अचानक पहुंच गया था। इसी दौरान एक तीर उसके सीने में जा लगा और उसका नुकीला लोहे का हिस्सा अंदर फंस गया।
तीर लगने के बाद विकास ने उसे हाथ से निकाल लिया, लेकिन आगे का नुकीला हिस्सा सीने में ही रह गया। स्कूल स्टाफ ने तुरंत उसे सागवाड़ा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया और घटना की जानकारी उसके परिजनों तथा जिला प्रशासन को दी।
सागवाड़ा से उदयपुर किया गया रेफर
सागवाड़ा सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छात्र को एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज संभव नहीं होने पर उसे मंगलवार रात उदयपुर के RNT मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
डूंगरपुर जिला प्रशासन ने उदयपुर प्रशासन को पहले ही घटना की जानकारी दे दी थी। इसके चलते छात्र के अस्पताल पहुंचने से पहले डॉक्टरों की टीम को अलर्ट कर दिया गया था।
रात 2 बजे ऑपरेशन कर निकाला तीर का हिस्सा
छात्र के अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया। रात करीब 2 बजे डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर विकास के सीने में फंसा तीर का नुकीला लोहे का हिस्सा सफलतापूर्वक निकाल दिया।
ऑपरेशन के बाद छात्र की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वह होश में है और उसकी हालत में सुधार हो रहा है। छात्र के परिजन भी उदयपुर पहुंच गए हैं।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी के दौरान हुआ हादसा
जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल अमिल मीणा ने बताया कि अगले महीने से तीरंदाजी की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होनी हैं। इसी को लेकर स्कूल में छात्र अभ्यास कर रहे थे।
प्रिंसिपल के अनुसार, इसी अभ्यास के दौरान विकास अचानक तीरंदाजी कोर्ट के बीच में आ गया और उसे तीर लग गया। उन्होंने बताया कि उदयपुर के RNT मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के बाद विकास की तबीयत ठीक है और लगातार सुधार हो रहा है।
समय पर इलाज मिलने से टली गंभीर स्थिति
हादसे के बाद स्कूल स्टाफ ने बिना देरी किए छात्र को अस्पताल पहुंचाया। सागवाड़ा से उदयपुर रेफर करने की प्रक्रिया के दौरान जिला प्रशासन ने भी अस्पताल प्रशासन को जानकारी दी, जिससे छात्र के पहुंचते ही उपचार शुरू किया जा सका।
सीने में तीर का नुकीला हिस्सा फंसने के बावजूद डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिए उसे निकाल दिया। फिलहाल छात्र डॉक्टरों की निगरानी में है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।
