August 14, 2026

Artificial Intelligence: माचिस की डिब्बियों से बच्चे सीखेंगे AI और कोडिंग, CBSE की नई ‘एकलव्य’ सीरीज 15 अगस्त से शुरू

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Artificial Intelligence: माचिस की डिब्बियों से बच्चे सीखेंगे AI और कोडिंग, CBSE की नई 'एकलव्य' सीरीज 15 अगस्त से शुरू

माचिस की डिब्बियों से बच्चे सीखेंगे AI और कोडिंग, CBSE की नई 'एकलव्य' सीरीज 15 अगस्त से शुरू

Artificial Intelligence: अब माचिस की खाली डिब्बियों को एक के ऊपर एक रखकर आकृतियाँ बनाना केवल बच्चों का खेल नहीं रहेगा, बल्कि इसके जरिए देश के लाखों छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कोडिंग की बुनियादी अवधारणाएं सीखेंगे। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत विद्यार्थियों में तार्किक सोच और जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित करने के लिए एक बेहद रोचक और अभिनव कदम उठाया है।

सीबीएसई और आईआईटी गांधीनगर के ‘सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग’ (CCL) के संयुक्त तत्वावधान में कक्षा 6 और उससे ऊपर के छात्रों के लिए एक खास ऑनलाइन सीरीज ‘एकलव्य- सीटी, एआई एंड स्टेम’ (Eklavya- CT, AI & STEM) की शुरुआत की जा रही है। इस सीरीज का पहला लाइव एपिसोड स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को शाम ठीक 4 बजे प्रसारित किया जाएगा। पूरी तरह से हिंदी में तैयार की गई इस सीरीज में कुल 8 लाइव एपिसोड होंगे, जिन्हें बाद में अंग्रेजी सबटाइटल के साथ भी उपलब्ध कराया जाएगा।

‘कम्प्यूटेशनल थिंकिंग विद मैच बॉक्स’: खेल-खेल में जटिल समस्याओं का हल

सीरीज के पहले एपिसोड का शीर्षक ‘कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एंड एआई विद मैच बॉक्स’ रखा गया है। इसमें बच्चों को माचिस की डिब्बियों और रोजमर्रा के आसान उदाहरणों के जरिए यह सिखाया जाएगा कि किसी बहुत बड़ी या जटिल समस्या को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़कर (Decomposition) उसका चरणबद्ध समाधान कैसे निकाला जाता है।

माचिस की डिब्बियों से अलग-अलग पैटर्न तैयार करने और क्रमबद्ध आकृतियां बनाने जैसी गतिविधियों से छात्र पैटर्न पहचानना (Pattern Recognition) और एल्गोरिदम की तरह सोचना सीखेंगे। इस अनूठे प्रैक्टिकल मॉडल का मुख्य उद्देश्य रटने की प्रवृत्ति को खत्म कर बच्चों के भीतर वैज्ञानिक जिज्ञासा, रचनात्मकता और तार्किक दृष्टिकोण (Logical Reasoning) को बढ़ावा देना है।

शिक्षकों को मिलेगा ट्रेनिंग क्रेडिट, निशुल्क होगा रजिस्ट्रेशन

इस ऑनलाइन ज्ञानवर्धक सीरीज का लाभ सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक भी उठा सकते हैं। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से मुफ्त रखा गया है। सीबीएसई ने शिक्षकों के लिए भी इसे बेहद उपयोगी बनाया है; निर्धारित शर्तें पूरी करने पर शिक्षकों को हर एपिसोड के बदले 3 घंटे का ‘सतत व्यावसायिक विकास’ (CPD) ट्रेनिंग क्रेडिट दिया जाएगा।

मामले की जानकारी देते हुए सीबीएसई की जिला नोडल अधिकारी रीटा गोयल ने बताया कि इस पहल से छात्रों में सही सवाल पूछने, डेटा विश्लेषण करने और चरणबद्ध तरीके से निष्कर्ष तक पहुंचने की क्षमता विकसित होगी। उन्होंने बताया कि जिले के लगभग 120 सीबीएसई स्कूलों के हजारों छात्रों और शिक्षकों को इस सीरीज से जोड़ने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है ताकि आधुनिक तकनीक और एआई की पढ़ाई को बोझिल बनाने के बजाय बेहद मनोरंजक बनाया जा सके।

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