Kinnaur News: किन्नौर में बेजुबान जानवरों पर बरसा कहर, आसमानी बिजली गिरने से 200 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत

किन्नौर में बेजुबान जानवरों पर बरसा कहर
Kinnaur News: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले की रूपी वैली में बुधवार रात आसमानी बिजली गिरने से बड़ी संख्या में भेड़-बकरियों की मौत हो गई। हादसा राज्य श्री कंडे में करीब रात 11 बजे हुआ, जहां पशुपालक ने अपने पशुओं को रखा हुआ था। हादसे के बाद पशुपालक गुमान सिंह ने फोन के जरिए अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। उन्होंने मौके पर मृत भेड़-बकरियों की गिनती शुरू की, जिसमें संख्या 200 से अधिक सामने आई।
अंधेरा होने के कारण पूरी गिनती नहीं हो सकी
रात का समय होने और अंधेरा होने के कारण गुमान सिंह सभी मृत पशुओं की गिनती पूरी नहीं कर पाए। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया, जिससे हादसे के बाद की विस्तृत जानकारी तत्काल सामने नहीं आ सकी। गुमान सिंह हादसे के समय अपने शेड में सो रहे थे। इसी वजह से वह आसमानी बिजली की चपेट में आने से बच गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अगर वह भेड़-बकरियों के पास मौजूद होते तो उनकी जान भी खतरे में पड़ सकती थी।
पंचायत ने प्रशासन को दी सूचना
घटना की जानकारी मिलने के बाद रूपी पंचायत प्रधान मगला खोजान ने स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी। प्रशासन ने पशुपालन विभाग की टीम को घटनास्थल पर जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। पशुपालन विभाग की टीम गुरुवार को मौके पर पहुंचकर मृत पशुओं की संख्या की जांच करेगी। इसके साथ ही हादसे में हुए कुल नुकसान का भी आकलन किया जाएगा।
पशुपालक को लाखों का नुकसान, मुआवजे की मांग
रूपी पंचायत के गुरगुरी गांव निवासी दलीप सिंह की 200 से अधिक भेड़-बकरियां इस घटना में मारी गई हैं। बड़ी संख्या में पशुओं की मौत से पशुपालक को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पशुओं की मौत का उचित आकलन कराया जाए और प्रभावित पशुपालक को नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाए। हालांकि, मृत भेड़-बकरियों की सही संख्या और कुल नुकसान का आंकड़ा पशुपालन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पशुपालकों की चिंता बढ़ी
रूपी वैली में हुई इस घटना ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पशुओं को खुले या अस्थायी ठिकानों पर रखने वाले पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश और गरज-चमक के दौरान आसमानी बिजली गिरने का खतरा बढ़ जाता है। फिलहाल प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित परिवार को राहत और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
