Rajasthan CJP Attack: राजस्थान के गांव से कॉजपा की टीम को बाहर करने पर दीपके ने कहा- पुलिस ‘मूक दर्शक’ बनी रही

दीपके ने कहा- पुलिस ‘मूक दर्शक’ बनी रही
Rajasthan CJP Attack: राजस्थान में एक सरकारी स्कूल का जायजा लेने के लिए पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के सदस्यों को स्थानीय लोगों द्वारा कथित तौर पर खदेड़े जाने की घटना के बाद कॉजपा संयोजक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को राजस्थान पुलिस की आलोचना की। यह घटना जयपुर जिले के रामपुरा कंवरपुरा गांव में हुई। सूत्रों के मुताबिक, सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत कॉजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच बहस हुई जिसके बाद कार्यकर्ताओं को उस इलाके से खदेड़ दिया गया। दीपके ने ‘एक्स’ पर कई पोस्ट किए और इस घटना को लेकर राजस्थान पुलिस पर निशाना साधा।
उन्होंने पूछा, ‘‘ऐसा लगता है कि जब गुंडे सरकारी स्कूलों का दौरा करने वाले कॉजपा स्वयंसेवकों पर हमला करते हैं तो राजस्थान पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। उन्हें भैंसों के बाड़े में संचालित हो रहे स्कूलों से कोई समस्या नहीं है लेकिन कॉजपा स्वयंसेवकों के उन स्कूलों में जाने से उन्हें समस्या है। वे असल में किसकी रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं?’’ गांव के स्कूल की इमारत को ‘असुरक्षित’ घोषित किए जाने के बाद छात्रों के लिए बंद कर दिया गया है। अभी स्कूल की इमारत के पास ही मवेशियों के बाड़े में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। एक और पोस्ट में दीपके ने लिखा, ‘‘राजस्थान में भाजपा के गुंडों ने आशु (रांका) पर हमला किया है। आशु और कॉजपा के अन्य स्वयंसेवकों की पिटाई की गई और वे घायल हो गए हैं। राजस्थान पुलिस ने ऐसा होने दिया।’’
ग्रामीणों और उनके साथ मौजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्कूल की मरम्मत स्थानीय प्रयासों से की जा सकती थी और सरकार ने पहले ही इस काम के लिए धनराशि मंजूर कर दी थी। दीपके ने तीसरी पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा के गुंडे आशुतोष और कॉजपा के अन्य स्वयंसेवकों की जान के दुश्मन बने हुए हैं।’’ कॉजपा की टीम ने जयपुर जिले के दो सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचा और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेने के लिए इन स्कूलों का दौरा करने की योजना बनाई थी। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में आम लोगों और मीडिया के प्रवेश को लेकर उठे विवाद के बाद शुक्रवार को कॉजपा का यह दौरा हुआ। कॉजपा के पिछले दौरों के बाद राज्य शिक्षा विभाग ने कथित तौर पर बिना किसी ठोस कारण के बाहरी लोगों और मीडियाकर्मियों के स्कूलों में प्रवेश पर रोक लगा दी थी।
