Gurugram Waterlogging: गुरुग्राम में 1 घंटे की बारिश ने खोली ड्रेनेज की पोल, हाईवे पर 5 KM लंबा जाम

Gurugram Waterlogging: गुरुग्राम में 1 घंटे की बारिश ने खोली ड्रेनेज की पोल, हाईवे पर 5 KM लंबा जाम
Gurugram Waterlogging: साइबर सिटी गुरुग्राम में जरा सी बारिश होते ही एक बार फिर शहर की बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराती नजर आईं। महज एक घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए। जलनिकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण सड़कें देखते ही देखते तालाब में तब्दील हो गईं। जलभराव के कारण न सिर्फ रिहायशी इलाकों में लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई, बल्कि मुख्य सड़कों और हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थमने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई।
पटेल नगर में घुटनों तक भरा पानी, स्कूली बच्चे और राहगीर परेशान
बारिश का सबसे ज्यादा असर गुरुग्राम के पटेल नगर इलाके में देखने को मिला। यहां की मुख्य सड़कों और गलियों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे स्थानीय निवासियों का बाहर निकलना दूभर हो गया। रास्ते से गुजर रहे स्कूली बच्चों और पैदल राहगीरों को भारी पानी के बीच से जोखिम उठाकर निकलना पड़ा। जलभराव के कारण कई दोपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद पड़ गए, जिन्हें लोग धक्का मारते हुए ले जाते दिखे। वहीं, कार चालक भी पानी के गड्ढों से बचते हुए बेहद धीमी गति से गाड़ियां निकालने को मजबूर हुए।
दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर रेंगते नजर आए वाहन
बारिश का सबसे बड़ा असर दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर देखने को मिला। एक्सप्रेसवे पर सिग्नेचर टावर से लेकर हीरो होंडा चौक तक लगभग 5 किलोमीटर से अधिक लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। हजारों गाड़ियां घंटों तक जाम में फंसी रहीं, जिससे दिल्ली से जयपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। स्थिति यह रही कि आम दिनों में जिस दूरी को तय करने में 15 मिनट का समय लगता था, बारिश के बाद उसी रास्ते को पार करने में लोगों को 40 से 50 मिनट तक का समय लग गया।
स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा, खड़े किए सवाल
बारिश के बाद पैदा हुए इन बदतर हालातों को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। एक स्थानीय निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा, “हर मानसून में बारिश होते ही गुरुग्राम की यही तस्वीर सामने आती है। करोड़ों रुपये के दावों के बावजूद जलभराव और जाम की समस्या जस की तस बनी रहती है। आखिर प्रशासन इसका कोई स्थायी समाधान क्यों नहीं निकालता?”
प्रशासन के तमाम दावों के बीच इस जलभराव ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रेनेज सिस्टम और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर की गई तैयारियां पहली ही तेज बारिश को झेलने में नाकाम साबित हुई हैं।
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