Panchkula News: शेयर मार्केट में मुनाफे के नाम पर 73 साल के बुजुर्ग से 49.31 लाख की ठगी, पंचकूला पुलिस ने लखनऊ से दो को दबोचा

शेयर मार्केट में मुनाफे के नाम पर 73 साल के बुजुर्ग से 49.31 लाख की ठगी, पंचकूला पुलिस ने लखनऊ से दो को दबोचा
Panchkula News: साइबर अपराधियों का नेटवर्क अब उम्रदराज़ और भोले-भाले लोगों को अपना आसान शिकार बना रहा है। पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने शेयर मार्केट में भारी मुनाफे और पुराने घाटे की भरपाई का सब्जबाग दिखाकर एक 73 वर्षीय बुजुर्ग से करीब 49.31 लाख रुपये ठगने के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस की विशेष टीम ने लखनऊ में दबिश देकर बलिया निवासी दो मुख्य आरोपियों—29 वर्षीय शशि प्रकाश राय और 30 वर्षीय संदीप कुमार मिश्रा को धर दबोचा। दोनों आरोपी फर्जी पते पर लखनऊ में कमरा किराए पर लेकर ठगी का यह रैकेट चला रहे थे।
व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ जालसाजी का खेल, फर्जी ऐप पर दिखाया झूठा मुनाफा
पीड़ित बुजुर्ग ने अपनी शिकायत में बताया कि वह सोशल मीडिया पर शेयर मार्केट से जुड़ी जानकारियां देख रहे थे। इसी दौरान उन्हें नुकसान की भरपाई करने का दावा करने वाला एक वीडियो दिखा, जिस पर क्लिक करते ही उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया गया।
खुद को तथाकथित ‘शेयर मार्केट एक्सपर्ट’ बताने वाले ठगों ने बुजुर्ग को अपनी बातों के जाल में उलझाया और कोटक सिक्योरिटीज से मिलती-जुलती एक फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करवा दी। ऐप के भीतर बुजुर्ग का एक फर्जी प्राइमरी ट्रेडिंग अकाउंट बनाया गया, जिसमें स्क्रीन पर उनका निवेश और मुनाफा दिन-दूना रात-चौगुना बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा था।
25 फरवरी से 13 अप्रैल के बीच कई खातों में ट्रांसफर करवाए 49.31 लाख रुपये
ठगों ने बुजुर्ग का भरोसा जीतने के लिए शुरुआती दौर में 7,000 रुपये का कथित प्रॉफिट उनके असली बैंक खाते में भी ट्रांसफर किया। इस छोटे से लालच के चक्कर में आकर बुजुर्ग का विश्वास पक्का हो गया। इसके बाद 25 फरवरी से 13 अप्रैल 2026 के बीच आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों और बैंक खातों में कुल 49,31,000 रुपये जमा करवा दिए।
जब बुजुर्ग ने ऐप में दिख रही अपनी कुल राशि निकालने का प्रयास किया, तो निकासी नहीं हुई। इसके उलट ठगों ने ब्रोकरेज और सर्विस चार्ज के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी, जिसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ।
गुजरात, एमपी और यूपी में फैला जाल; 9 दिन के रिमांड के बाद आरोपी जेल भेजे गए
ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत पुलिस में शिकायत दी, जिस पर 30 अप्रैल 2026 को पंचकूला के सेक्टर-20 थाने में एफआईआर दर्ज की गई। डीसीपी क्राइम आईपीएस अमरिंदर सिंह के मार्गदर्शन में जांच आगे बढ़ी और पुलिस ने उन बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया जिनमें पैसे भेजे गए थे। जांच की आंच उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात तक पहुंची। पुलिस ने 16 अगस्त 2026 को लखनऊ से शशि प्रकाश और संदीप को गिरफ्तार कर अदालत से 9 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गिरोह के बाकी गुर्गों की तलाश जारी
साइबर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले ‘म्यूल अकाउंट’ सप्लायर्स के बारे में अहम सुराग मिले हैं। इस पूरे मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की अलग-अलग टीमें इस अंतर्राज्यीय सिंडिकेट से जुड़े बाकी अपराधियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
यह भी पढ़ें– Karnal News: करनाल में पुलिस को चकमा, ब्याना चौकी की दीवार लांघकर भागा भगोड़ा आरोपी रिंकू
