Gurugram Metro: गुरुग्राम को मिलेगी जाम से मुक्ति, मेट्रो प्रोजेक्ट ने पकड़ी गति, 1st U-Girder हुआ फिट

गुरुग्राम को मिलेगी जाम से मुक्ति, मेट्रो प्रोजेक्ट ने पकड़ी गति, 1st U-Girder हुआ फिट
Gurugram Metro: गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रही तैयारियों के बाद अब निर्माण कार्य धरातल पर तेजी से आकार लेता दिख रहा है। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी आधी रात को मेट्रो कॉरिडोर का पहला विशालकाय ‘यू-गर्डर’ पिलर के ऊपर सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया।
इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह खुद देर रात निर्माण स्थल पर मौजूद रहे। पंडितों द्वारा किए गए वेद मंत्रोच्चारण के बीच मंत्री ने नारियल फोड़कर और तिलक लगाकर कार्य का शुभारंभ कराया और अपनी देखरेख में गर्डर इंस्टॉलेशन की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई।
आधुनिक क्रेन और डायवर्जन के बीच पूरा हुआ जटिल ऑपरेशन
गर्डर को पिलर पर स्थापित करने का काम बेहद चुनौतीपूर्ण था। भारी-भरकम कंक्रीट के इस ढांचे को उठाने के लिए भारी क्षमता वाली आधुनिक क्रेनों और इंजीनियरिंग मशीनों का सहारा लिया गया। क्योंकि यह काम मुख्य मार्ग पर हो रहा था, इसलिए रात के समय ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया, ताकि राहगीरों को कोई असुविधा न हो।
सफलतापूर्वक गर्डर रखे जाने के बाद अधिकारियों और इंजीनियरों की टीम ने राहत की सांस ली।
आखिर क्यों इतना खास है ‘यू-गर्डर’?
मेट्रो निर्माण की आधुनिक तकनीक में यू-गर्डर (U-Girder) की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। अंग्रेजी के ‘U’ अक्षर के आकार वाला यह कंक्रीट का ढांचा असल में वह आधार होता है, जिसके ठीक ऊपर मेट्रो की पटरियां (ट्रेन ट्रैक) बिछाई जाती हैं।
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे सड़क पर बनाने के बजाय पहले से कास्टिंग यार्ड में तैयार (प्री-कास्ट) किया जाता है। इसके बाद बड़े ट्रेलरों के जरिए इसे साइट पर लाया जाता है और क्रेन से उठाकर सीधे पिलरों के ऊपर फिट कर दिया जाता है। इस तकनीक से सड़कों पर महीनों तक लगने वाला जाम बच जाता है और निर्माण की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है।
पुराने और नए गुरुग्राम का फासला होगा कम, जाम से मिलेगी निजात
इस मेट्रो कॉरिडोर के बन जाने से साइबर सिटी के परिवहन ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। फिलहाल ओल्ड गुरुग्राम और नए विकसित इलाकों के बीच सीधी और सुगम मेट्रो कनेक्टिविटी न होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों को रैपिड मेट्रो या मिलेनियम सिटी सेंटर पर निर्भर रहना पड़ता है।
परियोजना पूरी होने के बाद रोजाना सफर करने वाले लाखों नौकरीपेशा और स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव घटेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण की समस्या में भी बड़ी कमी आएगी।
गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं, तय समय में पूरा होगा प्रोजेक्ट: राव नरबीर
मौके पर मौजूद हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) और निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश देते हुए मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि काम की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिया कि राज्य सरकार की ओर से फंड या प्रशासनिक स्वीकृतियों में कोई देरी नहीं होने दी जाएगी।
पहला यू-गर्डर सफलतापूर्वक स्थापित होने के बाद अब आने वाले दिनों में लगातार अन्य पिलरों पर भी गर्डर रखने का काम तेजी से चलेगा। इसके तुरंत बाद ट्रैक बिछाने और सिग्नलिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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