Chandigarh News: चंडीगढ़ की बिजली को मिलेगा ‘सोलर बूस्ट’, 25 साल के लिए 50 मेगावाट का करार

चंडीगढ़ की बिजली को मिलेगा ‘सोलर बूस्ट’
Chandigarh News: चंडीगढ़ की बिजली व्यवस्था अब सोलर एनर्जी की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ा रही है। चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) ने शहर के लिए 50 मेगावाट सोलर एनर्जी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज की खरीद के लिए सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) के साथ 25 वर्ष का बिजली खरीद समझौता (पीपीए) किया है। खास बात यह है कि दिन में सूरज से पैदा होने वाली बिजली को बैटरी में स्टोर कर जरूरत के समय, खासकर रात में, इस्तेमाल किया जा सकेगा। सीपीडीएल के अधिकारी के मुताबिक, इस व्यवस्था से चंडीगढ़ को हर साल करीब 135 मिलियन यूनिट (एमयू) सौर बिजली उपलब्ध होगी। इससे शहर की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और बिजली आपूर्ति में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी।
इस परियोजना में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम अहम भूमिका निभाएगा। दिन के समय जब सौर ऊर्जा का उत्पादन अधिक होगा, उस अतिरिक्त बिजली को बैटरी में संग्रहित किया जाएगा। सूर्यास्त के बाद या ऐसे समय में जब सौर ऊर्जा उपलब्ध नहीं होगी, इसी संग्रहित बिजली का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे बिजली की मांग बढ़ने के दौरान सीपीडीएल को आपूर्ति संतुलित करने में मदद मिलेगी। इसके जरिए देश के किसी एक हिस्से में पैदा होने वाली बिजली को राष्ट्रीय पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क के माध्यम से दूसरे हिस्से तक पहुंचाया जाता है। इस समझौते के साथ चंडीगढ़ को आईएसटीएस से जुड़ी पहली सौर ऊर्जा प्राप्त होगी। इसे शहर की ऊर्जा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
इससे चंडीगढ़ में नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। सीपीडीएल और एसईसीआई के बीच हुआ यह समझौता 25 वर्षों के लिए है। लंबे समय की यह व्यवस्था शहर के लिए सौर ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ बिजली आपूर्ति की दीर्घकालिक योजना को भी मजबूत करेगी। सीपीडीएल का कहना है कि पहल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के साथ बिजली आपूर्ति में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी लगातार बढ़ाना है।
