Haryana News: हरियाणा में स्वाइन फ्लू का तांडव, 66 वर्षीय वृद्धा की मौत, 3 महीने के मासूम समेत 11 नए मरीज

हरियाणा में स्वाइन फ्लू का तांडव, 66 वर्षीय वृद्धा की मौत
Haryana News: बदलते मौसम के साथ ही क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। एक तरफ जहां स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लंबे समय बाद कोरोना के दोबारा दस्तक देने से प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है। ताजा मामले में नारनौंद की रहने वाली एक 66 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने शहर के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है।
क्षेत्र में बीते कुछ दिनों के भीतर स्वाइन फ्लू के 11 नए संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही इस सीजन में कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 22 पर पहुंच गई है। राहत की बात यह है कि सिविल अस्पताल प्रबंधन ने स्थिति से निपटने के लिए परिसर में अलग से आइसोलेशन वार्ड तैयार कर दिया है। हालांकि, संक्रमण की चपेट में आने वालों में 3 महीने के मासूम से लेकर 90 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं, जो इस बीमारी के प्रसार की गंभीरता को दर्शा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने बांटी टेमीफ्लू, फ्री जांच की व्यवस्था
मामले की जानकारी देते हुए जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि अब तक कुल 22 स्वाइन फ्लू पॉजिटिव केस दर्ज किए गए हैं। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 11 नए मरीजों और उनके संपर्क में आए परिजनों को तत्काल टेमीफ्लू की खुराक दी गई है। उन्होंने आम जनता से सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। सरकारी अस्पतालों में इसके टेस्ट और दवाइयां पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति में सर्दी, जुकाम या तेज बुखार जैसे लक्षण दिखें तो उसे तुरंत मास्क पहनना शुरू कर देना चाहिए। यह सामान्य एहतियात संक्रमण के चक्र को तोड़ने में सबसे ज्यादा मददगार साबित होता है।
रोहतक पीजीआई में कोरोना की वापसी, सोनीपत का बुजुर्ग भर्ती
स्वाइन फ्लू के इस खौफ के बीच रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान (PGIMS) से भी चिंताजनक खबर आई है। करीब दो महीने के लंबे शांतिपूर्ण अंतराल के बाद यहां कोरोना का एक नया मरीज दाखिल हुआ है। सोनीपत के रहने वाले 68 वर्षीय बुजुर्ग की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें विशेष आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार मरीज की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है।
इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. कमल वर्मा का कहना है कि उनके पास फिलहाल पीजीआई में किसी कोविड मरीज के भर्ती होने की लिखित या आधिकारिक सूचना नहीं पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमानुसार यदि पीजीआई में ऐसा कोई भी संक्रमित मरीज आता है, तो उसकी तुरंत जानकारी स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को दी जानी चाहिए ताकि जमीनी स्तर पर सैंपलिंग और ट्रेसिंग शुरू की जा सके।
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