Hisar News: हिसार में व्यापारी सुसाइड केस में परिजनों का हंगामा, शव लेने से किया इनकार, 1 घंटे में आई थीं 27 कॉल

हिसार में व्यापारी सुसाइड केस में परिजनों का हंगामा, शव लेने से किया इनकार; 1 घंटे में आई थीं 27 कॉल
Hisar News: हरियाणा के हिसार जिले में 12 क्वार्टर रोड स्थित ‘खालसा इलेक्ट्रॉनिक्स’ के संचालक हैप्पी चोपड़ा (38) की मौत के बाद मामला लगातार गर्माता जा रहा है। आत्महत्या के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने इंसाफ न मिलने तक शव लेने से साफ इनकार कर दिया है। फिलहाल शव को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखवाया गया है। मृतक की पत्नी प्रीति चोपड़ा ने बेहद भावुक और तल्ख लहजे में कहा कि जब तक उनके परिवार को बर्बाद करने वाले सूदखोर फाइनेंसरों के खिलाफ कड़ा एक्शन नहीं होता और वे बेनकाब नहीं होते, वे पीछे नहीं हटेंगे।
पत्नी ने आरोप लगाया कि फाइनेंसर रोजाना घर पर आकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। वे ग्राहकों को उनका मकान दिखाने लाते थे और खुलेआम कहते थे कि इस घर को बिकवाकर अपने पैसे वसूलेंगे। इतना ही नहीं, मासूम बच्चों को उठवाने तक की खौफनाक धमकियां दी जा रही थीं, जिससे परेशान होकर व्यापारी ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद के सिर में गोली मार ली।
सुसाइड से पहले 1 घंटे में 27 मिस्ड कॉल, आखिरी वक्त तक घनघनाता रहा फोन
व्यापारी हैप्पी चोपड़ा के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से इस पूरे केस का सबसे खौफनाक पहलू सामने आया है। रिकॉर्ड्स के मुताबिक, गुरुवार दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच फाइनेंसरों ने व्यापारी के नंबर पर एक-दो बार नहीं, बल्कि पूरे 27 बार फोन किए। दोपहर 12:23 बजे हैप्पी की फाइनेंसर से 3 मिनट 40 सेकंड तक बात भी हुई थी, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूरी जताई थी।
लेकिन इसके बावजूद फाइनेंसरों की प्रताड़ना थमी नहीं। वे लगातार फोन घुमाते रहे। दोपहर 12:59 बजे फाइनेंसर की तरफ से आखिरी कॉल आई, जिसे मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैप्पी ने नहीं उठाया और इसके ठीक 10 मिनट बाद खौफनाक कदम उठाते हुए खुद को गोली मार ली।
2.5% ब्याज, फिर भी 20 की जगह मांगे 25 लाख; दो दिन से घर पर दे रहे थे दबिश
मृतक के छोटे भाई चरणजीत चोपड़ा ने बताया कि करीब 10 साल पहले शोरूम के ऊपर एक और मंजिल का निर्माण कराने के लिए फाइनेंसर सुरेश से 40 लाख रुपये ब्याज पर लिए गए थे। करीब 20 लाख रुपये का मूल कर्ज बकाया था, जिस पर ढाई फीसदी के हिसाब से हर महीने 50 हजार रुपये ब्याज नियमित रूप से दिया जा रहा था। हालांकि, अब फाइनेंसर उस रकम को प्रॉपर्टी में लगाना चाहते थे और पूरी रकम ब्याज समेत तुरंत चुकाने की जिद पर अड़े थे।
1 सितंबर को हैप्पी पूरी मूल रकम लौटाने को तैयार भी हो गए थे, लेकिन फाइनेंसर सुरेश और उसका भतीजा गोलू नियत बदलते हुए 20 लाख के बजाय जबरन 25 लाख रुपये मांगने लगे। सुसाइड से एक दिन पहले बुधवार शाम और फिर गुरुवार सुबह भी आरोपी फाइनेंसर जबरन घर में घुस आए थे और गाली-गलौज करते हुए रकम की मांग कर रहे थे।
बेडरूम में हुआ खूनी खेल, पीछे छोड़ गए पत्नी और दो मासूम बेटे
घटना के खौफनाक मंजर को बयां करते हुए भाई चरणजीत ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे वे दोनों भाई ऊपरी मंजिल स्थित बेडरूम में बैठे थे। तभी नीचे घर की घंटी बजी। हैप्पी ने मायूस होकर कहा कि लगता है फाइनेंसर फिर पैसे मांगने आ गया है। चरणजीत जैसे ही नीचे मुख्य दरवाजा खोलने के लिए गए, पीछे से बेडरूम के अंदर से अचानक गोली चलने की भीषण आवाज आई।
भागकर ऊपर पहुंचे तो हैप्पी खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे और पास में ही उनकी लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी थी। अपने व्यवहार कुशल स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले हैप्पी चोपड़ा अपने पीछे पत्नी और 12 व 16 साल के दो बेटों को छोड़ गए हैं। मामले में एचटीएम (HTM) थाना प्रभारी विकास कुमार का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपी फाइनेंसरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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