Punjab Chandigarh Weather Update : चंडीगढ़ समेत पंजाब के 22 जिलों में बारिश के आसार, पठानकोट-मोहाली में अलर्ट

चंडीगढ़ समेत पंजाब के 22 जिलों में बारिश के आसार, पठानकोट-मोहाली में अलर्ट
Punjab Chandigarh Weather Update : सितंबर की शुरुआत के साथ ही पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है। बीते कुछ दिनों से चिलचिलाती धूप और उमस से बेहाल लोगों के लिए झमाझम बारिश राहत की बौछार बनकर आई।
बारिश की वजह से राज्य के औसतन अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पारा अब सामान्य के आसपास पहुंच गया है। हालांकि, इस राहत के बीच चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने 5 सितंबर को राज्य में व्यापक बारिश का अनुमान जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बठिंडा राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, पूरे मानसून सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब में अब तक उम्मीद से काफी कम पानी बरसा है। राज्य में इस बार सामान्य से करीब 34 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों और आम जनता को इस लेट-मानसून स्पेल से काफी उम्मीदें हैं।
पठानकोट से मोहाली तक भारी बारिश के आसार
मौसम केंद्र के ताज़ा बुलेटिन के मुताबिक, आज पंजाब के सभी 22 जिलों में बादलों की आवाजाही और बारिश की पूरी संभावना है। खासतौर पर उत्तरी और उप-हिमालयी इलाकों से सटे जिलों—पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर (रोपड़), शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) और एसएएस नगर (मोहाली) में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों के लिए प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बरतने को कहा गया है।
मध्य पंजाब के जिलों जैसे अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, लुधियाना, संगरूर और फतेहगढ़ साहिब में भी ज्यादातर जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। दूसरी ओर, दक्षिण-पश्चिमी मालवा पट्टी—फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, बरनाला और मानसा में भी एक-दो स्थानों पर बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है।
6 सितंबर तक रहेगा बारिश का दौर, फिर कमजोर पड़ेगा सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 6 सितंबर तक पंजाब और चंडीगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। इसके बाद बारिश का दायरा धीरे-धीरे सिमट जाएगा और मौसम साफ होने लगेगा।
सिनॉप्टिक वेदर सिस्टम का विश्लेषण करें तो मौजूदा मानसून ट्रफ लाइन इस समय राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड से होती हुई उत्तर-पूर्व की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही, उत्तरी हरियाणा के ऊपर सक्रिय रहा चक्रवातीय दबाव (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) अब काफी हद तक निष्प्रभावी हो चुका है। इस वजह से आने वाले 48 घंटों के बाद राज्य में मानसूनी हवाओं की तीव्रता में कमी देखने को मिलेगी।
