Jodhpur News: ट्रेन में चोरी का अनोखा तरीका, फर्जी नाम से रिजर्वेशन और फिर यात्रियों के सामान पर हाथ साफ, 7 राज्यों में की वारदात

ट्रेन में चोरी का अनोखा तरीका
Jodhpur News: जोधपुर जीआरपी पुलिस के अनुसार, बिहार निवासी अशोक कुमार और रंजन कुमार लंबे समय से ट्रेनों में यात्रियों के कीमती सामान को निशाना बना रहे थे। पूछताछ में दोनों के नवंबर 2016 से लगातार ट्रेन में चोरी करने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने अब तक करीब 4 करोड़ रुपए की ज्वेलरी और अन्य सामान चोरी किया। राजस्थान में जोधपुर, मारवाड़ जंक्शन और आबूरोड के अलावा दूसरे राज्यों में भी उनके खिलाफ वारदात करने की जानकारी सामने आई है।
फर्जी नाम से रिजर्वेशन, फिर यात्रियों को बनाते थे निशाना
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी ट्रेनों में फर्जी नाम से रिजर्वेशन करवाते थे। इसके बाद यात्रा के दौरान यात्रियों के कीमती सामान और नकदी को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम देने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, इस तरीके से आरोपी अलग-अलग ट्रेनों और रूट पर अपनी पहचान छिपाकर वारदात करते थे। लगातार अलग-अलग राज्यों में घटनाएं सामने आने के बाद उनकी तलाश में कई जगह पुलिस टीमों ने काम किया।
राजस्थान समेत इन राज्यों में वारदात का दावा
जीआरपी के अनुसार, आरोपियों ने राजस्थान के जोधपुर, मारवाड़ जंक्शन और आबूरोड के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, असम, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी चोरी की वारदातें की हैं। पुलिस की प्रारंभिक जानकारी में तमिलनाडु में सबसे ज्यादा वारदात किए जाने की बात सामने आई है। तमिलनाडु पुलिस की टीम दोनों आरोपियों की तलाश में उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में भी पहुंची थी।
जोधपुर की वारदात के बाद चल रहे थे फरार
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने जोधपुर में भी ट्रेन में चोरी की वारदात की थी। इसके बाद से वे फरार चल रहे थे। ट्रेनों में यात्रियों के कीमती सामान और रुपए चोरी होने की घटनाएं बढ़ने के बाद जोधपुर जीआरपी ने आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाई। जीआरपी एसपी जोधपुर केवल राम और जीआरपी सीओ हरिराम सोनी के निर्देशन में जीआरपी थानाधिकारी मुक्ता पारीक के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
तमिलनाडु पुलिस के साथ मिलकर बिहार में दबिश
विशेष टीम ने आरोपियों को डिटेन करने के बाद इसकी सूचना जीआरपी तमिलनाडु को दी। तमिलनाडु जीआरपी की टीमें पहले से दोनों आरोपियों की तलाश में अलग-अलग राज्यों में काम कर रही थीं। इसके बाद तमिलनाडु पुलिस की स्पेशल टीम के साथ जीआरपी ने बिहार में दबिश दी और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों को 3 सितंबर को पकड़ा गया और बिहार से जोधपुर लाया गया।
विरुधाचलम पुलिस दोनों को लेकर तमिलनाडु रवाना
जोधपुर जीआरपी के मुताबिक, पूछताछ की कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को देर रात विरुधाचलम, तमिलनाडु की पुलिस अपने साथ लेकर रवाना हो गई। तमिलनाडु में दर्ज मामलों और वहां की वारदातों को लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों और चोरी किए गए सामान के बारे में जानकारी जुटा रही है। अलग-अलग राज्यों में वारदात करने के दावे के चलते संबंधित पुलिस एजेंसियों के साथ भी जानकारी साझा की जा रही है।
ट्रेन यात्रियों के लिए क्यों अहम है यह मामला?
ट्रेनों में लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्री अक्सर ज्वेलरी, नकदी और अन्य कीमती सामान अपने साथ रखते हैं। ऐसे में फर्जी पहचान से रिजर्वेशन कराकर यात्रा करने और सामान चोरी करने का तरीका सामने आने से यात्रियों के लिए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी हो जाती है। हालांकि पुलिस की जांच अभी जारी है और करीब 4 करोड़ रुपए की चोरी तथा अलग-अलग राज्यों में वारदातों से जुड़े दावों की पुष्टि संबंधित मामलों और जांच के आधार पर होगी। फिलहाल जीआरपी दोनों आरोपियों से उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों को लेकर पूछताछ कर रही है।
